गाज़ीपुर। कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने और पुलिस बल में अनुशासन व कार्यकुशलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार सुबह पुलिस लाइन गाज़ीपुर में एक विशेष परेड का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक गाज़ीपुर डॉ. ईरज राजा ने परेड की सलामी ली और बल के अनुशासन व एकरूपता की सराहना की। परेड निरीक्षण के दौरान एसपी ने कहा कि अनुशासन और एकता ही किसी भी सुरक्षा बल की असली पहचान होती है, और गाज़ीपुर पुलिस इस कसौटी पर पूरी तरह खरी उतरती है। उन्होंने बल के समर्पण, दृढ़ संकल्प और नागरिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाया।
इसके उपरांत एसपी डॉ. राजा ने ज्वाइंट ट्रेनिंग कोर्स (JTC) के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे नवचयनित आरक्षियों को संबोधित किया। उन्होंने आरक्षियों को अनुशासन, कर्तव्यपरायणता, मानवाधिकारों के सम्मान और नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार जैसे मूलभूत सिद्धांतों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का यह दौर उनके भविष्य की नींव है और इसमें आत्मसात किए गए मूल्य उन्हें एक जिम्मेदार और संवेदनशील पुलिसकर्मी बनाएंगे। कार्यक्रम के बाद पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन परिसर का विस्तृत निरीक्षण भी किया। उन्होंने डायल 112 कंट्रोल रूम, जी.डी. कार्यालय, पुलिस बैरक और अन्य प्रशासनिक कार्यालयों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साफ-सफाई, रिकॉर्ड संधारण, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और कर्मचारियों की ड्यूटी व्यवस्था जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए।
इसी क्रम में आयोजित साप्ताहिक अर्दली रूम बैठक में डॉ. ईरज राजा ने विभागीय रजिस्टरों की जांच की, जिनमें उपस्थित पंजिका, गश्त रजिस्टर, शिकायत रजिस्टर और शस्त्रागार रजिस्टर प्रमुख रहे। जहाँ भी सुधार की आवश्यकता पाई गई, वहाँ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अपने समापन संबोधन में एसपी ने कहा, “गाज़ीपुर पुलिस जनता की सेवा में सदैव तत्पर है और हमारा मुख्य लक्ष्य कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना है। सभी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ करें।” इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और नवआरक्षियों में विशेष उत्साह और जोश देखा गया। यह आयोजन न केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया था, बल्कि यह पुलिस बल में अनुशासन, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति जागरूकता का सशक्त प्रतीक बन गया।