गाजीपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गाजीपुर दौरे से एक दिन पहले जिले में दशकों पुरानी विश्वविद्यालय की मांग ने एक बार फिर ज़ोर पकड़ा है। ‘विश्वविद्यालय निर्माण मंच’ के नेतृत्व में छात्रसंघ प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इसमें स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर को विश्वविद्यालय में उन्नत करने तथा जिले में राज्य पोषित विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग की गई। छात्रों ने कहा कि गाजीपुर में 364 से अधिक कॉलेज और 3.5 लाख से अधिक छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन जिले में विश्वविद्यालय न होने के कारण उन्हें 115 किलोमीटर दूर जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जाना पड़ता है। इससे न केवल समय और धन की बर्बादी होती है, बल्कि खासकर ग्रामीण और कमजोर वर्ग की छात्राओं को उच्च शिक्षा में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
मुख्य बातें जो छात्रों ने उठाईं:
विश्वविद्यालय निर्माण मंच के अध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री की ‘एक जनपद, एक विश्वविद्यालय’ योजना का स्वागत करते हुए यह जरूरी है कि गाजीपुर को इसका लाभ दिया जाए। उन्होंने बताया कि गाजीपुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पास 77.20 एकड़ भूमि, सुदृढ़ आधारभूत संरचना और पर्याप्त वित्तीय संसाधन पहले से मौजूद हैं। विश्वविद्यालय बनाए जाने पर सरकार पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि जिले को एक उत्कृष्ट शिक्षा संस्थान मिलेगा।
पूर्व छात्रसंघ महामंत्री सुधांशु तिवारी ने कहा, विश्वविद्यालय न होने से बेटियों का भविष्य अधर में लटक जाता है। समान शिक्षा के अधिकार से वंचित रहना अत्यंत पीड़ादायक है। छात्र नेता शिवम उपाध्याय ने कहा, 364 से अधिक महाविद्यालय और लाखों छात्र यह स्पष्ट करते हैं कि विश्वविद्यालय की आवश्यकता अब टाली नहीं जा सकती। अब और विलंब असहनीय है। आरती बिंद और शैलेश यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को सामाजिक और आर्थिक कारणों से पढ़ाई छोड़नी पड़ती है। विश्वविद्यालय की स्थापना उनके लिए शिक्षा के द्वार खोलेगी। प्रकाश राय ने कहा, स्थानीय विश्वविद्यालय शिक्षा को सुलभ बनाएगा और जिले की अर्थव्यवस्था को भी गति देगा। छात्रों ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे मुख्यमंत्री की जिला विकास समीक्षा बैठक में इस मुद्दे को प्राथमिकता से उठाएं ताकि जिले के छात्रों का उच्च शिक्षा का सपना साकार हो सके।
पत्रक सौंपने वालों में प्रमुख रूप से अमित राय, शैलेश सिंह यादव, विकास खरवार, हर्ष वर्धन दुबे, विनय सिंह, जावेद आलम, विशाल विश्वकर्मा, राहुल यादव, उत्तम साहनी, बाबूलाल गौतम, विकास सिंह, हर्ष दुबे, रजनीश राय, विधांशु राय, पुरुषोत्तम चौधरी, अमृतांश बिंद, मनीष बिंद, नीलेश बिंद सहित सैकड़ों छात्र शामिल रहे।जिलाधिकारी ने छात्रों को आश्वस्त किया है कि उनकी मांग मुख्यमंत्री तक अवश्य पहुंचाई जाएगी।