गाजीपुर। स्थानीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पी.जी. कॉलेज) गाजीपुर में नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ वैदिक विधि-विधान एवं पारंपरिक सांस्कृतिक आयोजनों के साथ हुआ। इस अवसर पर शोध ग्रंथालय में मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण और आरती की गई। साथ ही विद्वानों और शिक्षकों की उपस्थिति में हवन-यज्ञ का आयोजन कर वातावरण को पावन किया गया, जिसमें सभी ने आहुति देकर नवसत्र के लिए मंगलकामनाएं कीं। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राघवेंद्र कुमार पांडेय ने शोध ग्रंथालय परिसर में सिंदूर के पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने इसे भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का प्रतीक बताया और युवाओं से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने की अपील की।
इसके उपरांत महाविद्यालय के संस्थापक सचिव एवं प्रबंधक स्वर्गीय बाबू राजेश्वर प्रसाद सिंह की आदमकद प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। प्राचार्य प्रो. पांडेय के नेतृत्व में समस्त शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके शैक्षिक योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए।इस अवसर पर अपने उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. पांडेय ने कहा, “नया सत्र न केवल शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत को पुनः जाग्रत करने का अवसर भी है। वैदिक रीति से आरंभ किया गया यह आयोजन हमारे मूल्यों और जिम्मेदारियों को उजागर करता है। स्व. बाबू राजेश्वर प्रसाद सिंह जी के योगदान को यह महाविद्यालय सदैव स्मरण करता रहेगा।” कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। यह आयोजन संस्थान के सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रेरक पहल साबित हुआ।