जमानियां| क्षेत्र के बुढाडीह गांव स्थित पंचायत भवन सभागार में मंगलवार को उत्तर प्रदेश किसान सभा ब्लॉक कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राजेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली के ऐतिहासिक किसान आंदोलन के दौरान किए गए समझौतों को लागू करने से पीछे हट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों की फसलों का उचित मुआवजा देने और एमएसपी कानून की गारंटी सुनिश्चित करने में टालमटोल कर रही है। श्री यादव ने कहा कि गंगा और कर्मनाशा नदियों में आई भीषण बाढ़ से किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, किंतु अब तक उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने बताया कि खाद की किल्लत को लेकर किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की थी, जिसके बाद किसानों को राहत मिली।
उन्होंने मांग की कि सभी किसानों को पोस्टे की खेती का अधिकार बहाल किया जाए, दिलदारनगर पशु मेला को पूर्ण क्षमता से संचालित किया जाए, किसानों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाए और किसानों-मजदूरों का कर्ज माफ किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो किसान सभा के नेतृत्व में आंदोलन को तेज किया जाएगा।बैठक में किसान सभा के जिला अध्यक्ष अशोक मिश्रा, झिल्लू यादव, शशिकांत कुशवाहा, रविंद्र कुशवाहा, शिवमूरत यादव (पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष), महेन्द्र राम, किशोर यादव, मुसाफिर यादव, अंगद यादव, शंकर बनवासी, घुरभारी यादव, महेन्द्र यादव, विजय पादव, कन्हैया राम, अंजू देवी, सुनिता देवी, मीना देवी, अनिता देवी, श्यामप्यारी देवी और सावित्री देवी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान ऋषिकेश यादव ने की तथा संचालन अजय यादव द्वारा किया गया।