गाजीपुर| जनजातीय कार्य मंत्रालय (टीआरआई एवं मीडिया प्रभाग), भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा संचालित आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत गाजीपुर में तीन दिवसीय डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 08 अक्टूबर से 10 अक्टूबर, 2025 तक क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान, गाजीपुर के सभागार में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में विकास खंड-बिरनों के 05 और बाराचवर के 05 कुल 10 ब्लॉक मास्टर ट्रेनर शामिल हैं। प्रशिक्षण का शुभारंभ आज प्रातः 10.00 बजे जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) अभय कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण में ब्लॉक मास्टर ट्रेनरों को आदि कर्मयोगी अभियान के तहत योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जिला अधिकारी ने बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान एक राष्ट्रीय परिवर्तनकारी आंदोलन है, जो प्रधानमंत्री के दूरदर्शी आह्वान “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” को मूर्त रूप देता है। यह अभियान आदिवासी क्षेत्रों में शासन की पुनर्कल्पना करता है और आदिवासी नागरिकों को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवर्तन के नेता और विकास के सह-निर्माता के रूप में स्थापित करता है।
इस पहल का उद्देश्य शासन का नया मॉडल तैयार करना है जो उत्तरदायी, सांस्कृतिक रूप से जड़ित, समस्या-समाधान करने वाला और जन-नेतृत्व वाला हो। अभियान के अंतर्गत आदिवासी गाँवों में विकास के आदर्श स्थापित किए जाएंगे, जिससे 10 करोड़ से अधिक आदिवासी नागरिक सीधे लाभान्वित होंगे।
विलेज विजन 2030 के तहत, कार्यक्रम में प्रत्येक गाँव अधिकारी और ग्रामीण मिलकर ग्राम विजन 2030 दस्तावेज और विकास कार्य योजना तैयार करेंगे। गाजीपुर में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 अक्टूबर, 2025 को संपन्न होगा।