गाजीपुर। जनपद में संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए गुरुवार को विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि, सिंचाई, पशुपालन, उद्यान तथा बैंकिंग क्षेत्र के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने सूखे की आशंका से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध कराए जाएं तथा सिंचाई संसाधनों को पूरी तरह क्रियाशील रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान की पारंपरिक खेती के रकबे को कम करते हुए कम अवधि वाली धान की प्रजातियों को बढ़ावा दिया जाए तथा धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) तकनीक को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही किसानों को अरहर, उड़द एवं मूंग जैसी कम पानी वाली दलहनी फसलों की खेती के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने सिंचाई विभाग को नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा राजकीय एवं निजी नलकूपों को विद्युत अथवा यांत्रिक खराबी से मुक्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में सिंचाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। बैठक में पशुपालन विभाग को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सीडीओ ने अधिकारियों से कहा कि संभावित सूखे की स्थिति में पशुओं के लिए हरे चारे एवं भूसे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि पशुपालकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।बैठक में उपनिदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, सिंचाई एवं नलकूप विभाग के अभियंता तथा अग्रणी जिला प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।