जमानियां (गाजीपुर)। भूमि विवादों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के लिए राजस्व विभाग ने आधुनिक तकनीक अपनाते हुए तहसील क्षेत्र में जमीन की पैमाइश अब पारंपरिक जरीब (लोहे की चेन) के बजाय ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) रोवर मशीन से करने का निर्णय लिया है। इससे पैमाइश में सटीकता आएगी और वर्षों से लंबित भूमि विवादों के समाधान में तेजी आने की उम्मीद है। उपजिलाधिकारी मनोज कुमार पाठक ने बताया कि जीएनएसएस रोवर सैटेलाइट आधारित आधुनिक उपकरण है, जो सीधे उपग्रहों से जुड़कर जमीन के अक्षांश और देशांतर के आधार पर अत्यंत सटीक कोऑर्डिनेट्स दर्ज करता है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक जरीब से पैमाइश में अक्सर कुछ इंच या फीट का अंतर रह जाता था, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न होती थी। नई तकनीक से मिलीमीटर स्तर तक की शुद्धता के साथ सीमांकन किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि मशीन से प्राप्त आंकड़े सीधे डिजिटल नक्शे और सरकारी पोर्टल पर दर्ज होंगे, जिससे भविष्य में भूमि की सीमा में किसी भी प्रकार की हेराफेरी की संभावना नहीं रहेगी। इससे मेड़ विवाद, चकमार्ग और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे जैसे मामलों के निस्तारण में भी पारदर्शिता आएगी तथा भू-माफियाओं की मनमानी पर प्रभावी अंकुश लगेगा। राजस्व अधिकारियों के अनुसार, जीएनएसएस रोवर के उपयोग से पैमाइश का कार्य पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सटीक होगा। अब किसी भी भूमि का सीमांकन कम समय में बिना विवाद के पूरा किया जा सकेगा। इससे आम लोगों को तहसीलों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी, समय की बचत होगी और राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता एवं विश्वास बढ़ेगा। तहसील प्रशासन ने बताया कि नई तकनीक को प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। डिजिटल रिकॉर्ड आधारित इस व्यवस्था से किसानों और भूमि स्वामियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर विजय कुमार, नितीश कुमार यादव, राहुल कुमार सहित अन्य राजस्व अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।