जमानिया। दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर स्थानीय रेलवे स्टेशन के समीप डिग्री गांव के पास 2 जुलाई की रात एक बड़ा रेल हादसा टल गया। रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी का भारी लोहे का फ्लैप डोर (कब्जेदार दरवाजा) रखे होने के कारण दानापुर से बेंगलुरु जा रही संघमित्रा एक्सप्रेस (12296) दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई। मामले में रेलवे ने साजिश की आशंका जताते हुए उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है।
घटना रात करीब 10:30 बजे की है। संघमित्रा एक्सप्रेस पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन की ओर जा रही थी। डिग्री गांव के पास पहले से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा लागू होने के कारण ट्रेन धीमी रफ्तार से चल रही थी। इसी दौरान लोको पायलट की नजर ट्रैक पर रखे फ्लैप डोर पर पड़ी। चालक ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन तब तक इंजन का एक पहिया फ्लैप डोर के ऊपर चढ़ गया। इसके बाद ट्रेन को सावधानीपूर्वक पीछे लिया गया और ट्रैक से लोहे का दरवाजा हटाकर परिचालन बहाल किया गया। लोको पायलट ने घटना की सूचना तत्काल जमानिया स्टेशन को दी, जहां से कंट्रोल रूम और दानापुर मंडल को अवगत कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। आरपीएफ और रेलवे परिचालन विभाग की संयुक्त टीम यह पता लगाने में जुटी है कि फ्लैप डोर ट्रैक पर कैसे पहुंचा।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 2 जुलाई की शाम 6:40 बजे के बाद संबंधित अप लाइन से केवल एक मालगाड़ी गुजरी थी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यदि फ्लैप डोर चलती मालगाड़ी से गिरा होता तो उसके बाद गुजरने वाली अन्य ट्रेनों के चालक भी उसे देख सकते थे। इससे यह आशंका मजबूत हो रही है कि किसी अराजकतत्व ने जानबूझकर उसे ट्रैक पर रखा था। शनिवार को दानापुर मंडल आरपीएफ के वरीय मुख्य सुरक्षा आयुक्त उदय सिंह पवार ने आरपीएफ प्रभारी गणेश राणा और बक्सर आरपीएफ प्रभारी कुंदन कुमार के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। जांच टीम सोमवार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट डीआरएम को सौंपेगी, जिसके बाद घटना के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।