जमानियां। स्थानीय विकास खंड सभागार में मंगलवार को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत दीनदयाल अंत्योदय योजना के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा उनकी आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने कहा कि सरकार स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि दीनदयाल अंत्योदय योजना के माध्यम से महिलाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता तथा उत्पादों के विपणन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
कार्यशाला में महिलाओं को ऋण सुविधाओं, बाजार उपलब्धता तथा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पशुपालन एवं कृषि संबंधी ऋण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। महिलाओं ने भी कार्यशाला में सक्रिय भागीदारी करते हुए अपनी समस्याएं और सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे। समूह की महिलाओं ने फिनाइल और हार्पिक जैसे उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने आश्वासन दिया कि सामुदायिक शौचालयों एवं अन्य सरकारी भवनों में स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों के उपयोग को प्राथमिकता देने का प्रयास किया जाएगा, जिससे उन्हें नियमित बाजार मिल सके। कुछ महिलाओं ने ब्यूटी पार्लर एवं सिलाई मशीन के लिए ऋण उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने समूह सखियों को ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल बनाने तथा अधिक से अधिक महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया।इस अवसर पर प्रमुख प्रतिनिधि संतोष कुशवाहा, खंड विकास अधिकारी महेंद्र प्रताप यादव, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार, एडीओ पंचायत उमेंद्र प्रताप सिंह, एडीओ आईएसबी दिग्विजय सिंह, एडीओ एजी दीपक सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।