गाजीपुर। आगामी चुनावों को देखते हुए मतदाताओं की सुविधा एवं मतदान प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से जनपद में मतदेय स्थलों (पोलिंग बूथों) के युक्तिकरण एवं पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में राइफल क्लब सभागार में आयोजित बैठक में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श के बाद प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जर्जर भवनों में संचालित मतदेय स्थलों को सुरक्षित एवं स्थायी सरकारी भवनों में स्थानांतरित किया जा रहा है। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी मतदाता को मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े। सभी मतदान केंद्र भूतल पर स्थापित किए जाएंगे तथा रैंप, पेयजल, शौचालय, विद्युत, छायादार प्रतीक्षालय और फर्नीचर जैसी न्यूनतम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
भौतिक सत्यापन के बाद 1200 से अधिक मतदाताओं वाले क्षेत्रों में दो नए मतदेय स्थल प्रस्तावित किए गए हैं, जबकि 1200 से कम मतदाताओं वाले 45 बूथों का अन्य बूथों में समायोजन किया गया है। इसके अलावा जर्जर घोषित 41 मतदेय स्थलों को नए भवनों में स्थानांतरित किया गया है। इस पुनर्गठन के बाद जनपद में वर्तमान 3378 मतदेय स्थलों की संख्या घटकर 3335 प्रस्तावित मतदेय स्थल रह जाएगी। अंतिम प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग की स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है। बैठक में प्राप्त 47 सुझावों में से आयोग की गाइडलाइन के अनुरूप 10 महत्वपूर्ण सुझावों को स्वीकृति दी गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी वेद सिंह चौहान, सभी उप जिलाधिकारी, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि तथा निर्वाचन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी राजनीतिक दलों ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए अपनी सहमति व्यक्त की।