गाजीपुर। श्रावण मास, कांवड़ यात्रा, स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन और ईद-ए-मिलाद जैसे आगामी पर्वों को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने जनपद में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश 22 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक पूरे जनपद में प्रभावी रहेगा। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला द्वारा जारी आदेश के अनुसार, श्रावण मास 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा। इसी अवधि में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस, 28 अगस्त को रक्षाबंधन तथा चंद्र दर्शन के अनुसार 26 अगस्त को ईद-ए-मिलाद (बारावफात) का पर्व भी मनाया जाएगा। इन अवसरों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
आदेश के तहत बिना अनुमति पांच या उससे अधिक व्यक्तियों का समूह बनाकर आंदोलन, प्रदर्शन, जुलूस या नारेबाजी करने पर रोक रहेगी। हालांकि पारंपरिक धार्मिक आयोजन, मेले और शव यात्राएं इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगी। सार्वजनिक स्थानों, सरकारी कार्यालयों एवं आवश्यक सेवा संस्थानों के परिसर में धरना, घेराव, हड़ताल और सभा आयोजित करने पर भी रोक लगाई गई है। जिलाधिकारी ने बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया है। रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर या डीजे का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। कांवड़ यात्रा के दौरान 10 फीट से अधिक ऊंचे अथवा वाहन की चौड़ाई से बड़े डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा तथा ध्वनि की सीमा 60 डेसिबल से अधिक नहीं होगी। आदेश में सार्वजनिक स्थानों पर शराब या मादक पदार्थों के सेवन, यातायात बाधित करने, कलेक्ट्रेट परिसर एवं उसके एक किलोमीटर के दायरे में धरना-प्रदर्शन करने तथा अनधिकृत रूप से सायरन, लाल-नीली बत्ती और काले शीशों वाले वाहनों के संचालन पर भी रोक लगाई गई है।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह निषेधाज्ञा जनपद गाजीपुर में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों पर समान रूप से लागू होगी।