गाजीपुर। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर के आदेशानुसार आज अपराह्न 12ः00 बजे से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा राष्ट्रीय महिला आयोग के तत्वावधान में महिलाओं को जागरूक किये जाने के सम्बन्ध में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन रेवतीपुर पंचायत भवन, ब्लाक- रेवतीपुर, तहसील-सेवराई, गाजीपुर में किया गया।
उपरोक्त शिविर के सफल आयोजन किये जाने हेतु श्री विजय कुमार- IV, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजीपुर, रतन जी श्रीवास्तव, चीफ लीगल एड डिफेंस काउन्सिल गाजीपुर, रिसोर्स पर्सन के रूप में नामित श्री साधन कुमार चक्रवर्ती व श्रीमती खुर्शीदा बानों द्वारा शिविर में उपस्थित रहकर मौजूद महिलाओं व छात्राओं को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी प्रदान की गयी तथा उपस्थित महिलाओं को विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान करने साथ-साथ उनकी समस्याओं के बारे में जाना गया। महिलाओं को दहेज प्रतिषेध कानून 1961 के तहत दहेज लेने तथा देने वाले दोनो ही अपराधी, पति से भरण-पोषण प्राप्त करने का अधिकार, पूर्वगर्भाधान और प्रसवपूर्व निदान तकनीक पी0सी0पी0एन0डी0टी0 अधिनियम के तहत पूर्व शिशु के लिंग की जॉच कराना अपराध है आदि कानूनों के बारे में भी अधिवक्ताओं द्वारा विस्तार से समझाया गया। विजय कुमार- IV, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजीपुर बताया कि महिलाओं के अधिकरों का हनन ना हो इसलिए आवश्यकता है कि महिलाएं पूर्ण रूप से जागरूक हो। यदि महिलाएं पूर्ण रूप से जागरूक होगी तो उन्हें कानून के पास आने की आवश्यकता ना के बराबर पडे़गी एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर होने की बात भी कहीं। आयोजित शिविर में दिनेश कुमार प्रधान, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सासाराम बिहार, सुनील कुमार सिंह, तहसीलदार सेवराई, पंकज कुमार नायब तहसीलदार सेवराई, अवधेश कुमार शर्मा व अरविन्द कुशवाहा, कर्मचारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजीपुर तथा पराविधिक स्वयं सेवक अवश्वनी कुमार तिवारी, मोजिब खॉ, दीपक कुमार, विरेन्द्र प्रसाद कुशवाहा व शिल्पी सिंह भी मौजूद रहे।