जमानिया।स्थानीय क्षेत्र के देवरिया पाहसैयदराजा स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित शतचंडी महायज्ञ का आज सोमवार को भव्य समापन के साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन
किया गया,जहाँ हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया,इस दौरान शिवदास त्यागी महाराज ने कहा कि यज्ञ से समाज के वातावरण में सकरात्मक उर्जा का संचारण होता है, वैदिक मंत्रो के उच्चारण से नकरात्मक शक्तियाँ दूर चली जाती है और वातावरण में शुद्धता आती है ।कथा को आगे बढाते हुए कहा कि किसी भी यज्ञ के होने से मानव में आयी विकृतियां अपने आप दूर हो जाती है। यज्ञ के माध्यम से समाज में एकजुटता आती है। हवन करने से देवता प्रसन्न होकर मानव का कल्याण करते हैं। आगे कहा कि गुरु का नाम जपने मात्र से ही तमाम पापों का नाश हो जाता है। अगर भक्त अपने गुरु की पूजा सच्चे मन से करें तो उनका उद्धार हो जाता है। कहा कि माया ही संसार की रचना करती है,और व्यक्ति को उसके श्रोत अर्थात ब्रह्म के प्रति अज्ञानी बना देती है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति जन्म लेता है तो वह अपने नाम रूप के कारण स्वयं को ईश्वर का अंश नहीं मानता है, बल्कि उसे अपने वाह्य रूप का अभिमान हो जाता है। वह अपना एक व्यक्तित्व रच लेता है। उसकी सोच सीमित हो जाती है। सत्य का ज्ञान हो जाने पर व्यक्तित्व का विनाश हो जाता है। तब व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि सृष्टि के पूर्व, वर्तमान व भविष्य में केवल उन्हीं का अस्तित्व विद्यमान रहता है।इस अवसर पर व्यवस्थापक बसंत राय,शिवजी राय,विजयशंकर, फौजदार दिनेश यादव दुलचन कुशवाहा प्रमोद कुशवाहा संतोष,उपेंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे ।