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राजनीति में सफल होने के लिए, चरित्र का उतना ही महत्व है जितना कि बुद्धिमत्ता का, श्रद्धेय अटल जी को दी गई सलामी

ब्यूरो 25-12-2024

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गाज़ीपुर। पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी जी के जीवन संघर्ष, उनकी देश सेवा व उनके जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजयपेयी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित करते हुए , सलामी देकर किया गया।

अटल बिहारी वाजपेयी:

श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी (25 दिसंबर 1924 – 16 अगस्त 2018) भारत के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक थे। वह भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक और तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे। उनकी गिनती भारतीय राजनीति के एक अद्वितीय और सहिष्णु नेता के रूप में होती है।

जन्म और प्रारंभिक जीवन:

जन्म: 25 दिसंबर 1924, ग्वालियर, मध्य प्रदेश।

शिक्षा: ग्वालियर और कानपुर से राजनीति शास्त्र एवं कानून की पढ़ाई उत्तीर्ण कर देश हित में कार्य किया।

• आरंभिक जीवन में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सक्रिय सदस्य बने।

राजनीतिक जीवन:

• 1951 में भारतीय जनसंघ से जुड़े।

• 1957 में पहली बार लोकसभा सदस्य बने।

• 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना में प्रमुख भूमिका निभाई।

तीन बार प्रधानमंत्री रहे:

• पहली बार: 1996 (13 दिन के लिए)।

• दूसरी बार: 1998-1999 (13 महीने)।

• तीसरी बार: 1999-2004 (पूर्ण कार्यकाल)।

उपलब्धियां:

पोखरण परमाणु परीक्षण (1998): भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देश बनाया।

स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना: भारत में सड़कों का जाल बिछाया।

शांति के लिए प्रयास: पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने के लिए बस यात्रा की शुरुआत की।

शानदार लेखक और कवि भी रहे:

अटल बिहारी वाजपेयी एक कुशल वक्ता और कवि भी थे। उनकी प्रसिद्ध कविताएं जैसे “गीत नया गाता हूँ” और “हार नहीं मानूँगा” आज भी प्रेरणा देती हैं।

पुरस्कार और सम्मान:

• 2015 में भारत रत्न, भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान।

• उनके जन्मदिन को भारत सरकार ने “सुशासन दिवस” घोषित किया।

मृत्यु:

अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 16 अगस्त, 2018 को नई दिल्ली में हुआ। उनका जीवन देशभक्ति, समर्पण, और नेतृत्व का अनुपम उदाहरण है।

उपस्थिति:

उक्त अवसर पर प्रतिसार निरीक्षक एवं समस्त अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।

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