गाजीपुर। उन्तालीस वर्ष के संक्षिप्त जीवनकाल में स्वामी विवेकानन्द जो काम कर गये वे आने वाली अनेक शताब्दियों तक पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। तीस वर्ष की आयु में स्वामी विवेकानन्द ने शिकागो, अमेरिका के विश्व धर्म सम्मेलन में देश का प्रतिनिधित्व किया और उसे सार्वभौमिक पहचान दिलवायी।
स्वामी विवेकानंद की विचारधारा:
गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने एक बार कहा था-“यदि आप भारत को जानना चाहते हैं तो “विवेकानन्द” को पढ़िये। आप उनमें सब कुछ सकारात्मक ही पायेंगे, नकारात्मक कुछ भी नहीं। वे केवल सन्त ही नहीं, एक महान देशभक्त, वक्ता, विचारक, लेखक और मानव-प्रेमी भी थे। अमेरिका से लौटकर उन्होंने देशवासियों का आह्वान करते हुए कहा था-“नया भारत निकल पड़े मोची की दुकान से, भड़भूँजे के भाड़ से, कारखाने से, हाट से, बाजार से; निकल पडे झाड़ियों, जंगलों, पहाड़ों, पर्वतों से।” और जनता ने स्वामी की पुकार का उत्तर दिया। वह गर्व के साथ निकल पड़ी। महात्मा गान्धी को आजादी की लड़ाई में जो जन-समर्थन मिला, वह विवेकानन्द के आह्वान का ही फल था। इस प्रकार वे भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के भी एक प्रमुख प्रेरणा के स्रोत बने।
“उठो, जागो,और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाये”
उनका विश्वास था कि पवित्र भारतवर्ष धर्म एवं दर्शन की पुण्यभूमि है। यहीं बड़े-बड़े महात्माओं व ऋषियों का जन्म हुआ, यही संन्यास एवं त्याग की भूमि है तथा यहीं-आदिकाल से लेकर आज तक मनुष्य के लिये जीवन के सर्वोच्च आदर्श एवं मुक्ति का द्वार खुला हुआ है। उनके कथन-“उठो, जागो, स्वयं जागकर औरों को जगाओ। अपने नर-जन्म को सफल करो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाये।”
स्वामी विवेकानंद जी के जीवन आदर्शों पर डाला गया प्रकाश:
संयुक्त सशक्त युवा SSY संगठन के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने विगत वर्षों की भांति आज नगर के आरकेबीके पेट्रोल पंप स्थित स्वामी विवेकानंद पार्क में स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पण कर स्वामी जी को नमन किया। तत्पश्चात स्वामी जी के जीवन आदर्शों पर प्रकाश डाला गया।
विगत वर्षों की भांति ही विवेकानंद जयंती समारोह 2025 का होगा आयोजन:
जिसमें संगठन प्रमुख नीरज तरुण के साथ श्री ठाकुर जी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के एम डी प्रशांत सिंह, केजीआईपीएस के प्रिंसिपल ऋषभ पाण्डेय, प्रखर प्रज्ञा कॉन्वेंट स्कूल के डायरेक्टर डॉ मदन मोहन विश्वकर्मा, गंगासागर , सुफली मदर कॉन्वेंट स्कूल के प्रिंसिपल वतन, मण्डल प्रमुख रामध्यान तरुण , विंग प्रमुख पंकज तरुण, सत्तार तरुण, उपेंद्र तरुण, डीके तरुण, विकास, समरजीत, चन्द्र प्रकाश, सूर्य प्रकाश, प्रियंका दुबे, अखण्ड प्रताप इत्यादि समाजसेवी शुभचिंतकों ने स्वामी जी के जीवनोपयोगी प्रसंगों पर प्रकाश डाला। गोष्ठी की अध्यक्षता संगठन प्रमुख नीरज तरुण एवं संचालन डीके तरुण ने की। कल स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर विगत वर्षों की भांति विवेकानंद जयंती समारोह 2025 का आयोजन है जो कि इस बार नगर के सम्राट पैलेस राजकीय आई टी आई कॉलेज के सामने आयोजित है।