गाजीपुर। करंडा ब्लाक अंतर्गत नवयुवक स्वामी विवेकानंद इंटर कालेज मैनपुर का 45 वां वार्षिकोत्सव समारोह धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य सभा सांसद डा.संगीता बलवंत व विशिष्ट अतिथि एसपी डा. ईरज राजा रहे। सभी अतिथियों को अंग वस्त्र व मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ:
मुख्य अतिथि संगीता बलवंत व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पिंडरा विधायक डा. अवधेश सिंह द्वारा स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रबंधक ओमप्रकाश प्रकाश सिंह ने स्वामी विवेकानंद की विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिकागो धर्म सम्मेलन में देश का प्रतिनिधत्व करने वाले विवेकानंद व्यक्ति नहीं अपितु संपूर्ण विचार थे। सन् 1977 में विद्यालय की स्थापना हुई थी। शुरुआती दिनों में यह विद्यालय मड़ई में चलाया गया। विद्यालय की स्थापना क्षेत्रीय व गांव के लोगों के सहयोग से संभव हो पाई।
उक्त अवसर पर आयोजित विभिन्न मनमोहक कार्यक्रमों ने उपस्थित सभी गणमान्यों का मन मोह लिया।
• सन् 1883 में हुए विश्व धर्म संसद सम्मेलन पर आयोजित नाटक की सभी दर्शकों ने काफी सराहना की। नाटक में विवेकानंद की भूमिका निभा रहे छात्र ने जैसे ही भाइयों और बहनों का संबोधन किया, तालियों से पूरा पंडाल गूंज उठा। भारत की संत परंपरा का उल्लेख काफी प्रभावशाली ढंग से छात्र ने प्रस्तुत किया।
• “वृंदावन जाऊंगी सखि न लौट के आऊंगी” गीत पर बालिकाओं का नृत्य प्रशंसनीय रहा।
• दुर्गा के नौ रूपों के साथ महिसासुर मर्दिनी नृत्य नाटिका ने पंडाल में दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए। नृत्य नाटिका के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का परिचय सारगर्भित रहा।
देश के भविष्य कहे जाने वाले बच्चों को संवारने में सर्वोत्कृष्ट योगदान निभाता है विद्यालय:पुलिस अधीक्षक डा0 ईरज राजा:
विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक डा0 ईरज राजा ने बच्चों की सुंदर प्रस्तुति की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत की संपूर्ण आबादी का लगभग 65% हिस्सा युवाओं का है, और युवाओं के प्रेरणाश्रोत स्वामी विवेकानंद जी कहा करते थे ” की मुझे यदि 100 ऊर्जावान युवा मिल जाएं तो मैं इस देश की दशा व दिशा दोनों बदल कर रख सकता हूं”। युवा, आपदा को अवसर में परिवर्तित करने का सामर्थ्य रखते हैं। और कहा जाता रहा है कि “संघर्षों के साए में इतिहास हमारा पलता है, जिस ओर जवानी चलती है उस ओर जमाना चलता है”। विद्यालय देश के बच्चों (युवा पीढ़ी) जिन्हें हम देश का भविष्य कहते हैं, उसको संवारने में सर्वोत्कृष्ट योगदान निभाता है और यह विद्यालय इस उद्देश्य की पूर्ति भली भांति कर रहा है।
मुख्य अतिथि डा0 संगीता बलवंत:
मुख्य अतिथि डा0 संगीता बलवंत ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुति के लिए समस्त विद्यालय परिवार की प्रशंसा की। आगे उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारतीय संत, आध्यात्मिक गुरु, और समाज सुधारक थे। उनका जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। वे रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे और वेदांत और योग के महान प्रचारक माने जाते हैं। स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति और धर्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। स्वामी विवेकानंद का 39 वर्ष की अल्पायु में 4 जुलाई 1902 को निधन हो गया। उनका जीवन और विचार आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
पिंडरा विधायक डा. अवधेश सिंह का संबोधन:
पिंडरा विधायक डा. अवधेश सिंह ने कहा कि बच्चों द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक कार्यक्रम संस्कार युक्त था, इसके लिए समस्त अध्यापक व अभिभावक प्रणाम के पात्र है। उन्होंने “उठो लाल अब आंखे खोलो”, “वीर तुम बढ़े चलो” आदि कविता के बोल को दोहराकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। बच्चों को नई टेक्नोलॉजी का सदुपयोग कर पढ़ने की सलाह दी। मां बाप के पैर छूकर विद्यालय आने के बारे में बच्चों से पूछा तो सभी ने हाथ उठाकर कहा कि हम अपने माता-पिता के पैर छूकर ही विद्यालय आते है। उनके संबोधन में संस्कार पर काफी बल दिया गया। विद्यालय में स्थान प्राप्त छात्रों को मेडल प्रदान किया गया।व्यायाम व पीटी में उत्कृष्ट प्रदर्शन देख कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डा0 अवधेश सिंह ने सेवानिवृत्त होकर भी विद्यालय में अमूल्य समय देने वाले 70 वर्षीय शिक्षक रविंद्र सिंह का माला पहनाकर स्वागत किया।
कार्यक्रम में उपस्थित सम्माननीय:
इस मौके पर, डीआएस भास्कर मिश्रा, प्रधानाचार्य करुणा सागर सिंह, उमेश दुबे, शशिपाल सिंह घूरा, महेंद्र प्रताप सिंह, मुकेश उपाध्याय, उदय भानु सिंह, आंनद सिंह, गुरचरण यादव, हरेंद्र यादव, नीतीश दुबे, चंद्रप्रकाश आर्य, भोला सिंह, मनोज सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन कृष्णानंद द्विवेदी ने किया।