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अंतरराज्यीय हेरोइन माफिया पर पुलिस का बड़ा प्रहार, गैंग लीडर समेत आरोपियों पर शिकंजा

ब्यूरो 13-02-2025

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जमानिया। थाना पुलिस ने हेरोइन तस्करी में लिप्त अंतरराज्यीय संगठित अपराध गिरोह के खिलाफ गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 के तहत कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस गिरोह के गैंग लीडर शुभम उर्फ राजू सिंह सहित अन्य आरोपियों पर मामला दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित कर दिया है।
ज्ञात हो कि गिरोह के सदस्यों पर यह कार्रवाई 11 जून 2024 को हुई हेरोइन तस्करी की घटना के बाद की गई, जब पुलिस ने 670 ग्राम हेरोइन बरामद कर शुभम उर्फ राजू सिंह (निवासी कुर्रा, भभुआ, बिहार) और विनोद कुमार प्रजापति (निवासी रामपुर, बक्सर, बिहार) को गिरफ्तार किया था। इस मामले में थाना जमानियां में मुकदमा दर्ज किया गया था।प्रभारी निरीक्षक अशेष नाथ सिंह के अनुसार, विवेचना के दौरान गिरोह के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पाए गए। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया, जो विचाराधीन है। गिरोह के आपराधिक क्रियाकलापों को देखते हुए, गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 के तहत मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई। इसके तहत धारा 3(1) 30प्र0 गिरोहबंद अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

जनता में भय और अपराधियों पर शिकंजा:

पुलिस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि यह गिरोह नशीले पदार्थों की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है, जिससे आम जनता में भय और दहशत का माहौल बना हुआ था। इन अपराधियों के आतंक के कारण लोग उनके खिलाफ शिकायत करने और न्यायालय में गवाही देने से डरते थे। पुलिस ने इस गिरोह के आपराधिक रिकॉर्ड को संकलित कर गैंग चार्ट जिलाधिकारी गाजीपुर को अनुमोदन के लिए भेजा था, जिसे 3 फरवरी 2025 को स्वीकृति मिल गई।

अपराधियों की जमानत पर पुनः तस्करी की आशंका:

पुलिस का मानना है कि यदि आरोपी जमानत पर बाहर आते हैं, तो वे पुनः हेरोइन तस्करी और अन्य अपराधों में लिप्त हो सकते हैं। ऐसे में उनके स्वच्छंद रूप से समाज में घूमने से कानून व्यवस्था को गंभीर खतरा हो सकता है।

अगली कार्रवाई:

गिरोहबंद अधिनियम के तहत मामला दर्ज होने के बाद, पुलिस अब आरोपियों की संपत्तियों की जांच और जब्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर सकती है। प्रभारी निरीक्षक अशेषनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि अपराध और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक थी। पुलिस आगे भी संगठित अपराधियों पर कठोर कानूनी शिकंजा कसती रहेगी।

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