गाजीपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के 2025-26 के बजट में गाजीपुर विश्वविद्यालय की मांग को फिर से अनदेखा किए जाने पर छात्रों में भारी निराशा और आक्रोश व्याप्त है। पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष और विश्वविद्यालय निर्माण मंच के अध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह गाजीपुर के युवाओं के सपनों पर गहरा आघात है।उन्होंने कहा, “सरकार ने हमारी वर्षों पुरानी मांग को ठुकरा दिया है। यह बजट गाजीपुर के युवाओं के भविष्य के साथ क्रूर मजाक है। हम अपने शिक्षा के अधिकार के लिए हर संभव संघर्ष करेंगे।”
दीपक उपाध्याय ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि गाजीपुर के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दर-दर भटकने पर मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा को एक निवेश नहीं, बल्कि बोझ समझती है और यही कारण है कि गाजीपुर के विकास की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आगे कहा, “यह बजट गाजीपुर के युवाओं के साथ विश्वासघात है। सरकार हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।”
गौरतलब है कि गाजीपुर में विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन हर बार यह मांग बजट में नजरअंदाज कर दी जाती है। इस बार भी कोई प्रावधान न होने से छात्रों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।