गाजीपुर। पाक्सो कोर्ट ने किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सश्रम सजा सुनाई है। साथ ही, अदालत ने 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
विशेष लोक अभियोजक रविकांत पांडेय के अनुसार, वर्ष 2017 में जमानियां बाजार की रहने वाली किशोरी को आरोपी इरशाद बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। पहले वह उसे मऊ और फिर पुणे ले गया, जहां उसने अपने मित्र के फ्लैट पर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया
पुलिस ने पीड़िता को पुणे से बरामद कर लिया और अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। 15 दिसंबर 2020 को मामले में आरोप तय किए गए थे।
कोर्ट का फैसला
5 नवंबर 2022 को केस ट्रायल के दौरान विशेष लोक अभियोजक ने सात गवाहों को प्रस्तुत किया और प्रभावी पैरवी की। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायाधीश राकेश कुमार सत्तम ने आरोपी को 10 वर्ष की सश्रम सजा और 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।