गाजीपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर द्वारा आयोजित बी०एड० विषम सेमेस्टर की परीक्षा 17 फरवरी से गाजीपुर स्थित स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संचालित की जा रही है। शुक्रवार को बी.एड. प्रथम सेमेस्टर के तृतीय प्रश्न पत्र की परीक्षा में 18 परीक्षार्थियों को नकल करते हुए पकड़ा गया, जिन्हें तत्काल प्रभाव से रिस्टीकेट कर दिया गया। गाजीपुर के स्नातकोत्तर महाविद्यालय को 20 बी.एड. महाविद्यालयों के लिए परीक्षा केंद्र बनाया गया है। शुक्रवार को आयोजित परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चली, जिसमें कुल 1577 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 1540 उपस्थित हुए, जबकि 37 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
परीक्षा की निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुचिता बनाए रखने के लिए स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा गया है और परीक्षा के दौरान सभी आवश्यक सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं। महाविद्यालय परिसर में प्रवेश के समय पुलिस बल, पीएससी और प्रोक्टोरियल बोर्ड की टीम द्वारा सघन तलाशी ली गई। परीक्षार्थियों को मोबाइल, स्मार्टवॉच, पर्स, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकल के किसी भी साधन के उपयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया।
जांच टीम की मुस्तैदी से पकड़े गए नकलची
प्राचार्य प्रोफेसर पाण्डेय ने बताया कि परीक्षा कक्षों की गहन जांच के दौरान 18 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए। जांच टीम में मुख्य कुलानुशासक प्रोफेसर (डॉ.) एस. डी. सिंह परिहार, प्रोफेसर (डॉ.) एस.एन. सिंह, प्रोफेसर (डॉ.) अरुण कुमार यादव, डॉ. राम दुलारे, डॉ. योगेश, डॉ. गोपाल यादव, डॉ. शिप्रा श्रीवास्तव और डॉ. प्रतिमा सिंह शामिल थे। पकड़े गए परीक्षार्थियों के खिलाफ विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की गई। प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग न करें और ईमानदारी से अपनी परीक्षा दें।