रेवतीपुर(गाजीपुर)। युवराजपुर निवासी एवं मरणोपरांत राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट रहे शहीद विश्वम्भर सिंह का 34वां शहादत दिवस शनिवार को श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि चकिया, चंदौली स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के उपनिरीक्षक राम अवध सिंह यादव ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके उपरांत विशिष्ट अतिथि प्रभारी निरीक्षक राजू दिवाकर सहित अन्य पुलिस कर्मियों एवं गणमान्य लोगों ने भी शहीद की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उनकी शहादत को नमन किया।
कार्यक्रम के दौरान उपनिरीक्षक राम अवध सिंह यादव ने कहा कि मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद विश्वम्भर सिंह हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी बहादुरी का परिचय देते हुए आतंकियों से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उनका जीवन हम सभी के लिए आदर्श है और हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर देश की सेवा करनी चाहिए। इस अवसर पर प्रभारी निरीक्षक राजू दिवाकर ने कहा कि गाजीपुर सैनिकों की धरती रही है, जिसने देश को कई वीर जवान दिए हैं। विश्वम्भर सिंह ने अपनी ड्यूटी को पूरी निष्ठा से निभाते हुए राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनकी शहादत को हम सभी नमन करते हैं।
शहीद विश्वम्भर सिंह का जीवन परिचय:
युवराजपुर निवासी शहीद विश्वम्भर सिंह का जन्म 1 जुलाई 1963 को एक साधारण परिवार में हुआ था। वर्ष 1987-
88 में वे सीआरपीएफ में सहायक कमांडेंट के रूप में भर्ती हुए। 22 फरवरी 1991 को पंजाब के तरन तारन जिले के अजियान गांव में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में वे वीरगति को प्राप्त हुए। शहीद होने से पहले उन्होंने घायल अवस्था में भी संघर्ष करते हुए 20 लाख के इनामी आतंकी समेत तीन आतंकियों को मार गिराया। उनके इस अद्वितीय शौर्य और पराक्रम को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया।
इस अवसर पर शम्मी सिंह, चंदन सिंह, जितेंद्र, अजित सिंह, पतंजलि, विकास, विमलेश, कपिल मुनि, विवेक सिंह, गोलू, राजेश चौधरी, अश्वनी सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।