जमानिया। बिजली विभाग ने सरकारी विभागों में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल के तहत सबसे पहले वन विभाग में स्मार्ट मीटर लगाया गया, जिसका विधिवत उद्घाटन किया गया। स्मार्ट मीटर लगाने का उद्देश्य बिजली खपत को मॉनिटर करना, पारदर्शिता लाना और उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग की सुविधा प्रदान करना है।
स्मार्ट मीटर प्रणाली उपभोक्ताओं को उनकी वास्तविक बिजली खपत की सटीक जानकारी उपलब्ध कराएगी, जिससे गलत बिलिंग की समस्या समाप्त होगी। यह मीटर दूरस्थ रूप से रीडिंग लेने की सुविधा भी प्रदान करेगा, जिससे बिजली विभाग को फायदा होगा और उपभोक्ताओं को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सटीक मापन और बिजली प्रबंधन होगा सुचारू
उपखंड अधिकारी लोकेश कुमार लोक ने कहा, “स्मार्ट मीटर से सरकारी कार्यालयों की बिजली खपत को सटीक रूप से मापा जा सकेगा और अनावश्यक बिजली व्यय को रोका जा सकेगा। इससे सरकारी विभागों में बिजली प्रबंधन अधिक सुचारू और पारदर्शी होगा। “वहीं, अवर अभियंता इंद्रजीत कुमार ने इस अवसर पर कहा, “बिजली उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग देने और बिजली चोरी जैसी समस्याओं को रोकने के लिए स्मार्ट मीटर लगाना आवश्यक है। यह प्रणाली सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ पहल के अनुरूप है और इससे विभागीय कार्यों में भी सुधार आएगा।”
जीएमआर कंपनी कर रही स्मार्ट मीटर स्थापना
इस कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी लोकेश कुमार लोक, अवर अभियंता इंद्रजीत कुमार, रितेश सिंह, और स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी जीएमआर के प्रतिनिधि भोपाल सिंह उपस्थित रहे। जीएमआर कंपनी सरकारी विभागों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य कर रही है और जल्द ही अन्य सरकारी विभागों में भी इस नई तकनीक को लागू किया जाएगा। बिजली विभाग की इस नई पहल से सरकारी कार्यालयों में बिजली उपभोग को प्रभावी ढंग से मॉनिटर करने में मदद मिलेगी और उपभोक्ताओं को अधिक सुविधाएं मिलेंगी।