गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र वाजपेई की 8 मार्च को हुई नृशंस हत्या को लेकर गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन ने कड़ा विरोध जताया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष सूर्यवीर सिंह के नेतृत्व में पत्रकारों ने सोमवार को जिलाधिकारी गाजीपुर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपा।पत्रकारों ने इस जघन्य हत्या की कड़ी निंदा करते हुए अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी व कठोर सजा की मांग की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार को ठोस कानून बनाना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
पत्रकारों की प्रमुख मांगें:
- अपराधियों को फांसी की सजा दी जाए।
- स्व. राघवेंद्र वाजपेई के परिवार को आर्थिक सहायता व आश्रित सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
- प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा हेतु विशेष कानून बनाया जाए।
- पत्रकारों पर हो रहे हमलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया जाए।
घटना का विवरण:
सीतापुर जिले के इमलिया सुल्तानपुर क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 पर 8 मार्च को अज्ञात बदमाशों ने 40 वर्षीय पत्रकार राघवेंद्र वाजपेई की बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और पत्रकारों में भारी आक्रोश है। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन पत्रकारों ने सवाल उठाया कि क्या सरकार पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगी?
ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद पत्रकार:
इस अवसर पर विनय कुमार, आलोक त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी, देव ब्रत विश्वकर्मा, रवि कांत, विनोद गुप्ता, शशिकांत तिवारी, दुर्ग विजय सिंह, अनिल उपाध्याय समेत कई पत्रकार उपस्थित रहे। पत्रकारों ने सरकार से मामले को गंभीरता से लेने और जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने की अपील की है।