गाजीपुर(जमानिया)। जमानियां स्टेशन बाजार स्थित हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जमानियां में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के वार्षिक शिविर के छठे दिन इकाई प्रथम एवं द्वितीय के शिविरार्थियों ने प्रातः प्रार्थना के बाद डॉ. वी.एस. पांडेय के नेतृत्व में योग, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। इसके उपरांत, स्वयंसेवकों ने नशामुक्ति अभियान के तहत प्रशांत नगर कॉलोनी में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसे वहां मौजूद जनसमुदाय ने खूब सराहा।
कर्नल अमर सिंह ने युवाओं को किया प्रेरित
बतौर मुख्य अतिथि पधारे वाराणसी ग्रुप ए, 91 यूपी बटालियन के कमान अधिकारी कर्नल अमर सिंह ने शिविरार्थियों को संबोधित किया। अपने प्रभावशाली और प्रेरणादायक उद्बोधन में उन्होंने नैतिकता, अनुशासन, शिष्टाचार और व्यवहार के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “अगर हमें समाज में बदलाव लाना है, तो शुरुआत खुद से करनी होगी। एक अच्छा नागरिक बनने के लिए अनुशासन और नैतिकता को जीवन का हिस्सा बनाना होगा। सफलता केवल डिग्रियों से नहीं, बल्कि चरित्र से मिलती है।”
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा भावना को प्रबल करती है और उन्हें समाज के प्रति उत्तरदायित्व का एहसास कराती है। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील करते हुए कहा, “युवाओं को सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी सोचना होगा। जब युवा अपने दायित्वों को समझकर ईमानदारी से निभाएंगे, तभी एक समृद्ध और सशक्त समाज की नींव रखी जा सकेगी।”
कर्नल अमर सिंह ने सामाजिक कर्तव्यों और नैतिक मूल्यों के प्रति युवाओं को जागरूक करते हुए कहा कि सेवा की भावना ही व्यक्ति को महान बनाती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “आज के समय में युवाओं का लक्ष्य केवल करियर बनाना नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी उनका कर्तव्य है। समाज को बदलने की शक्ति युवा पीढ़ी में ही है।”
महिला सुरक्षा का समाधान केवल कानून से संभव नहीं




: सीओ रामकृष्ण तिवारी
बौद्धिक सत्र में जमानियां तहसील के सीओ रामकृष्ण तिवारी ने शिविरार्थियों को संबोधित करते हुए महिला सुरक्षा के मुद्दे पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा का समाधान केवल कानून के माध्यम से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक सदस्य को अपनी भूमिका समझनी होगी। उन्होंने कहा, “लड़कियों और लड़कों दोनों को समानता और सम्मान के मूल्य सिखाने की जरूरत है। यह शिक्षा केवल परिवार तक सीमित न रहे, बल्कि स्कूलों और कॉलेजों में भी इसे अनिवार्य किया जाना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए, ताकि वे किसी भी प्रकार की हिंसा का सामना करने पर उचित कदम उठा सकें। सीओ तिवारी ने यह भी कहा कि पितृसत्तात्मक सोच को समाप्त करने के लिए सांस्कृतिक और सामाजिक परिवर्तन आवश्यक हैं। इसके लिए फिल्मों, टीवी कार्यक्रमों और अन्य माध्यमों से महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना चाहिए।
कार्यक्रम का सफल संचालन और समापन
कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अभिषेक तिवारी ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. श्रीनिवास सिंह, वरिष्ठ आचार्य प्रो. अखिलेश कुमार शर्मा शास्त्री, डॉ. संजय कुमार सिंह, परामर्श चिकित्सक डॉ. विजय श्याम पांडेय, कैप्टन अंगद प्रसाद तिवारी, अमर उजाला के वरिष्ठ पत्रकार चन्द्रमौलि पांडेय, वीर बहादुर, संतोष कुमार शर्मा सहित स्वयंसेवक एवं सेविकाएं उपस्थित रहे।