जमानिया (गाज़ीपुर)। स्थानीय स्टेशन बाजार स्थित हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के तत्वावधान में श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में कॉलेज के प्राध्यापकगण, छात्र-छात्राएं एवं स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसे हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अखिलेश कुमार शर्मा ‘शास्त्री’ एवं कला संकाय प्रमुख डॉ. संजय कुमार सिंह ने संपन्न किया।
अपने ओजस्वी संबोधन में प्रो. डॉ. अखिलेश कुमार शर्मा ‘शास्त्री’ ने कहा, “डॉ. अंबेडकर केवल संविधान के निर्माता नहीं, बल्कि भारत में सामाजिक चेतना की अलख जगाने वाले युगपुरुष थे। उनका जीवन संदेश देता है कि शिक्षा, संघर्ष और आत्मसम्मान किसी भी समाज को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।” उन्होंने अंबेडकर के जीवन के प्रेरणादायक प्रसंगों को साझा करते हुए युवाओं को उनके विचारों से जुड़ने का आह्वान किया।
वहीं डॉ. संजय कुमार सिंह ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने भारत को न केवल एक मजबूत संविधान दिया, बल्कि दलित, पिछड़े एवं वंचित वर्गों को न्याय दिलाने की राह भी प्रशस्त की। कॉलेज के आईक्यूएसी प्रभारी प्रो. अरुण कुमार ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को संविधान की प्रस्तावना की सामूहिक शपथ दिलाई, जिससे वातावरण संविधानिक चेतना से भर उठा।
इसके पश्चात प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें अनिमेष एवं कुमकुम यादव की जोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान अंजली एवं आकांक्षा को और तृतीय स्थान विजय एवं गौरव की जोड़ी को प्राप्त हुआ। विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का कुशल संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अभिषेक तिवारी ने किया। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा, “डॉ. अंबेडकर ने हमें जो अधिकार और आत्म-सम्मान की चेतना दी, उसे आत्मसात कर हम एक समतामूलक समाज की स्थापना कर सकते हैं। उनका जीवन हमें संघर्ष, शिक्षा और सेवा की प्रेरणा देता है।”
अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अंगद प्रसाद तिवारी द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “इस तरह के आयोजनों से न केवल छात्रों में चेतना आती है, बल्कि वे अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति भी सजग होते हैं। डॉ. अंबेडकर का जीवन हर विद्यार्थी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है।” कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रदीप कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह, कमलेश प्रसाद, पप्पू कुमार सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के कई स्वयंसेवक एवं सेविकाएं उपस्थित रहीं।