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मई में 41 आपराधिक वादों का निस्तारण, 13 मामलों में हुई सजा

ब्यूरो 11-06-2026

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गाजीपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) वेद सिंह चौहान की अध्यक्षता में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मई 2026 के दौरान न्यायालयों में हुए वादों के निस्तारण, अभियोजन की प्रगति तथा लंबित मामलों की समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि मई माह में भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत कुल 37 वादों का निस्तारण हुआ, जिनमें 9 मामलों में सजा हुई, 12 वाद सुलह के आधार पर तथा 16 वाद कमिट के आधार पर निस्तारित हुए। अन्य अधिनियमों के अंतर्गत निस्तारित 4 वादों में सभी मामलों में अभियुक्तों को सजा सुनाई गई। समीक्षा के दौरान कई महत्वपूर्ण मामलों का उल्लेख किया गया। मुहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के हत्या के एक मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को आजीवन कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं खानपुर थाना क्षेत्र के पॉक्सो मामले में अभियुक्त को 14 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया गया। इसके अतिरिक्त भुड़कुड़ा, रेवतीपुर तथा दिलदारनगर थाना क्षेत्रों से जुड़े मामलों में भी दोषसिद्धि सुनिश्चित हुई।

बैठक में बताया गया कि अभियोजन संवर्ग के अंतर्गत जारी 354 वारंटों में से 275 की तामील कराई गई। कुल 225 गवाह न्यायालय में उपस्थित हुए, जिनमें से 217 का परीक्षण किया गया। सत्र न्यायालयों में जारी 399 सम्मनों के सापेक्ष 325 की तामील हुई और 299 गवाह उपस्थित हुए। माह के दौरान कुल 64 जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किए गए, जिनमें 9 स्वीकृत तथा 55 अस्वीकृत हुए। समीक्षा में यह भी सामने आया कि 16 मामलों में अभियुक्त दोषमुक्त होकर रिहा हुए हैं। अपर जिलाधिकारी ने जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) एवं लोक अभियोजकों को निर्देशित किया कि दोषमुक्त हुए मामलों की पुनः समीक्षा कर अपील की संभावनाओं का परीक्षण करें। साथ ही प्रत्येक अभियोजक को प्रति माह कम से कम एक वाद की केस डायरी तैयार कर विवेचना में हुई कमियों का विश्लेषण करने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में अभियोजन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।उन्होंने पक्षद्रोही गवाहों के मामलों को भी गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया तथा अधिकाधिक मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए।

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