जमानियां (गाजीपुर)। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर शुक्रवार को जमानियां नगर के बलुआ घाट सहित आसपास के विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बृहस्पतिवार की देर शाम से ही दूर-दराज के गांवों से व्रती महिलाएं घाटों की ओर रुख करने लगी थीं और शुक्रवार सुबह तक घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सुबह के समय अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई। व्रती महिलाएं भीगते हुए भी गंगा में पुण्य स्नान करती रहीं और निर्जला व्रत का संकल्प पूरी श्रद्धा से निभाया।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे। उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया, क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी, प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह, तहसीलदार राम नारायण वर्मा और नगर पंचायत ईओ संतोष कुमार ने घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की। महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ राजस्व विभाग के कर्मचारियों की भी तैनाती की गई थी। यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पालिका मोड़ पर बैरिकेडिंग कर दोपहिया, तीन पहिया एवं चारपहिया वाहनों के प्रवेश को रोक दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।
व्रत का महत्व और धार्मिक अनुष्ठान
राधा रानी मंदिर के पुजारी डॉ. शेषनाथ उपाध्याय ने बताया कि निर्जला एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित एक अत्यंत कठिन व्रत है, जिसमें व्रती पूरे दिन अन्न व जल का त्याग करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि यह एक व्रत सभी 24 एकादशियों के बराबर पुण्य प्रदान करता है। व्रत का पारण शनिवार को विधिवत किया जाएगा। श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन से ओतप्रोत यह पर्व पूरे क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था का केन्द्र बना रहा।