गाजीपुर। जनपद में कानून-व्यवस्था की स्थिति, अपराध नियंत्रण और प्रभावी पुलिसिंग को लेकर आज पुलिस लाइन गाजीपुर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता श्रीमान् अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक गाजीपुर समेत जिले के सभी पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी व शाखा प्रभारी मौजूद रहे।
सलामी गार्ड के साथ हुआ भव्य स्वागत
एडीजी जोन व आईजी परिक्षेत्र के आगमन पर सबसे पहले उन्हें पुलिस लाइन गाजीपुर में सलामी गारद द्वारा सम्मानित किया गया। एसपी गाजीपुर द्वारा उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके उपरांत महोदय ने पुलिस लाइन में आयोजित सैनिक सम्मेलन में भाग लिया, जहाँ पुलिस कर्मियों की व्यक्तिगत और पेशागत समस्याओं को सुना गया और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।
भौतिक निरीक्षण में साफ-सफाई और सुविधाओं पर विशेष जोर
एडीजी जोन द्वारा पुलिस लाइन परिसर में स्थित आरटीसी/जेटीसी बैरक, क्लास रूम, प्रशिक्षण स्थल आदि का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रशिक्षण ले रहे जवानों को आवास, स्वच्छ पेयजल, सफाई, चिकित्सा तथा बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएं। प्रशिक्षण संसाधनों की गुणवत्ता व पूर्णता की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
अपराध समीक्षा गोष्ठी में उठाए गए गंभीर मुद्दे
पुलिस लाइन के सभागार में आयोजित अपराध समीक्षा गोष्ठी में एडीजी जोन और आईजी परिक्षेत्र ने जिले भर के अधिकारियों से जनपद की अपराध स्थिति पर विस्तृत संवाद किया।
बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया गया:
लम्बित विवेचनाओं और प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
गैंगस्टर व गुंडा एक्ट के तहत चिन्हित अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई हो।
थानों पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, और आइजीआरएस/जनसुनवाई से संबंधित प्रार्थना पत्रों पर नियमित समीक्षा हो।
चोरी-नकबजनी के मामलों में सीओ स्तर तक जाकर घटनास्थल का निरीक्षण किया जाए।
महिला अपराधों पर त्वरित कार्रवाई हो और वाहन चोरी के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में CCTV कैमरे अवश्य लगवाए जाएं।
माफियाओं की पहचान कर उनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाए।
गौकशी, अवैध शराब निर्माण, तस्करी जैसे अपराधों पर विशेष सतर्कता बरती जाए, दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई तय।
किसी भी पुलिसकर्मी के वसूली में लिप्त होने या सहयोगी पाए जाने पर आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई के आदेश।
थानों पर अनुशासन व निगरानी पर विशेष निर्देश
प्रत्येक थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया कि वे:
थाने के बैरक एवं शौचालय का प्रतिदिन निरीक्षण करें।
हिस्ट्रीशीटर व टॉप टेन अपराधियों पर लगातार निगरानी रखें और उनके विरुद्ध ठोस कदम उठाएं।
पर्व-त्योहारों के दौरान सुरक्षा दृष्टिकोण से किसी भी छोटी घटना को भी गंभीरता से लें और त्वरित प्रतिक्रिया दें। शासन द्वारा संचालित ऑपरेशन कन्विक्शन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभियोजन पक्ष और मॉनिटरिंग सेल आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि दोषियों को शीघ्र और अधिकतम सजा दिलाई जा सके।
AI-SPS प्रणाली का हुआ डेमो
बैठक के अंत में एडीजी महोदय की उपस्थिति में पुलिसिंग में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देते हुए AI-SPS (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – स्मार्ट पुलिसिंग सिस्टम) का डेमॉन्स्ट्रेशन किया गया। यह प्रणाली अपराध नियंत्रण, निगरानी और प्रतिक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध हो। जनपद गाजीपुर में अपराध नियंत्रण, पुलिसिंग के डिजिटल कायाकल्प और जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु यह बैठक एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देश न केवल पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हैं, बल्कि आमजन को सुरक्षा का भरोसा भी प्रदान करते है।