गाजीपुर। जिलाधिकारी के आदेश पर शिक्षा विभाग ने करंडा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय ढे़लवा में तैनात शिक्षक दिग्विजय सिंह को निलंबित कर दिया है। उन पर सोशल मीडिया पर बेसिक शिक्षा विभाग, खंड शिक्षा अधिकारी (BEO), बीएसए (BSA) और शिक्षक संगठनों के खिलाफ रात्रिकाल में अमर्यादित टिप्पणी करने का गंभीर आरोप है। बताया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह की गतिविधियों को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी थीं। खंड शिक्षा अधिकारी करंडा सहित मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों ने पूर्व में उनके खिलाफ शिकायत भेजी थी। साथ ही विद्यालय निरीक्षण के दौरान शिक्षक अनुपस्थित भी पाए गए थे, जिसकी रिपोर्ट बीईओ करंडा ने बीएसए कार्यालय को भेज दी थी।
आरोप है कि दिग्विजय सिंह पूर्व में बीआरसी करंडा में नियमों के खिलाफ उपस्थित होकर शिक्षकों का मानसिक और आर्थिक शोषण भी करते रहे हैं। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, गाजीपुर द्वारा उनके खिलाफ अवैध धन वसूली और संगठन के लेटरहेड के दुरुपयोग की भी शिकायत दर्ज की गई थी। इतना ही नहीं, जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच टीम द्वारा पहले भी उनके विरुद्ध जांच की जा चुकी है, और विभागीय नोटिसों का जवाब न देने के आरोप भी सिद्ध हो चुके हैं। शिक्षक के खिलाफ कई राष्ट्रीय समाचार पत्रों में भी पहले रिपोर्ट प्रकाशित हो चुकी है। इन सभी आरोपों के मद्देनज़र जिलाधिकारी गाजीपुर के अनुमोदन पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अब इस प्रकरण की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी भदौरा सुरेन्द्र पटेल व खंड शिक्षा अधिकारी मनिहारी हेमवंत कुमार की संयुक्त टीम गठित की गई है, जो विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस कार्रवाई से जिले के शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि शिक्षक सेवा अनुशासनहीनता को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।