गाजीपुर। नाबालिग बच्ची से हैवानियत के मामले में गाजीपुर की अदालत ने एक दरिंदे को 20 साल की कठोर सजा सुनाई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के सट्टी मस्जिद निवासी अब्दुल मजिद को 12 साल की मासूम बच्ची से दरिंदगी करने के अपराध में दोषी पाए जाने पर यह सजा सुनाई गई। यह फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत न्यायिक प्रणाली की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के मु०अ०सं०-360/2022 के अंतर्गत दर्ज की गई थी, जिसमें अभियुक्त ने मासूम बच्ची के साथ बर्बरता की थी। जिला अभियोजन अधिकारी और मॉनिटरिंग सेल की प्रभावी पैरवी के चलते अदालत ने आरोपी के प्रति कोई नरमी नहीं बरती।
अदालती फैसला इस प्रकार है:
पॉक्सो एक्ट (धारा 5/6): 20 वर्ष का कठोर कारावास व ₹25,000 का जुर्माना
भारतीय दंड संहिता की धारा 354: 3 वर्ष का कारावास व ₹5,000 का जुर्माना
धारा 506 IPC: 2 वर्ष का कारावास
अदालत के इस सख्त फैसले ने संदेश दिया है कि बच्चियों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए उत्तर प्रदेश की धरती अब सुरक्षित नहीं है। जिला अभियोजन अधिकारी ने फैसले के बाद कहा, “यह सिर्फ एक सजा नहीं, बल्कि समाज के हर दरिंदे के लिए चेतावनी है। हम हर मासूम के लिए लड़ेंगे और गुनहगारों को कानून के शिकंजे में लाकर ही दम लेंगे। डीजीपी स्तर से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत यह फैसला कानून व्यवस्था की मजबूती और न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता को दर्शाता है।