गाजीपुर। जनपद में विकास भवन के सभागार में मुख्य विकास अधिकारी श्री संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में एवं उप कृषि निदेशक की उपस्थिति में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं जनपद के सभी विकास खंडों के प्रगतिशील कृषकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत उप कृषि निदेशक और जिला कृषि अधिकारी द्वारा पिछले किसान दिवस की कार्यवाही रिपोर्ट और कार्य वृत्ति के प्रस्तुतीकरण से हुई।
किसानों ने उठाई समस्याएं:
आवारा पशुओं की समस्या: पशुपालन एवं डेयरी कृषक अनूप राय (पकड़ी, डेढ़गांवा – रेवतीपुर) ने आवारा पशुओं की समस्या को उठाया।
पशुपालन प्रशिक्षण की मांग: कृषक बाबू माल (मानव, जमानियां) ने पशुपालन से संबंधित प्रशिक्षण की जानकारी मांगी।
दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए चिलिंग सेंटर की मांग: रुद्रप्रताप सिंह (जखनियां) ने मरदह में चिलिंग सेंटर स्थापना की मांग की जिससे किसानों को उचित मूल्य मिल सके।
सिंचाई से जुड़ी शिकायतें:
चकफिरोज (मुहम्मदाबाद) के कई किसानों – राजदेव सिंह यादव, गुड्डू, अंगद, मन्नू, अरविंद यादव – ने बताया कि नलकूप संख्या 184 वाईजी का रिबोरिंग एवं पंप हाउस निर्माण हो चुका है, परंतु पाइपलाइन न होने से सिंचाई ठप है।
नलकूप संख्या 127 वाईजी पर बिजली की अनुपलब्धता की भी शिकायत की गई।
वाईजी-18 टड़वा नलकूप की खराबी और खेराबारी सब स्टेशन की विद्युत आपूर्ति बंद रहने (चार दिन से) की समस्या भी किसानों ने उठाई।
अन्य विभागीय समस्याएं:
राजस्व विभाग से अनूप राय (पकड़ी-रेवतीपुर) ने शिकायत की कि खतौनी में अंश निर्धारण गलत हुआ है और एक वर्ष पूर्व आवेदन देने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।
लघु सिंचाई के अंतर्गत कृष्णानंद राय (पकड़ी) ने बताया कि कुलाबा की ऊंचाई खेत से नीचे होने के कारण पानी खेतों में नहीं पहुंच पा रहा है।
बोरिंग में पारदर्शिता की मांग भी अनूप राय ने उठाई, कहा गया कि आवेदन अनुसार न होकर चयन मनमाने ढंग से हो रहा है।
बैंक एवं बीमा से जुड़ी समस्याएं:
अरविंद यादव (सोहिलापुर) ने बताया कि उनकी उम्र 70 वर्ष हो चुकी है, फिर भी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) नहीं बन रहा।
लल्लन पांडेय (जैतपुरा) ने मांग की कि फसल बीमा के नुकसान की भरपाई व्यक्तिगत स्तर पर की जाए।
उत्पाद विपणन से जुड़ी मांगें:
कई किसानों ने भक्का, उर्द व मूंग की खरीद के लिए केंद्र बनाए जाने का अनुरोध किया।
देवेंद्र यादव (करंडा) ने अन्न उत्पादों की बिक्री व प्रोत्साहन हेतु केंद्र की स्थापना की आवश्यकता जताई।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया:
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि मोटे अनाज (मिलेट्स) जैसे रागी, सांवा, कोदो, ज्वार, बाजरा के बीज राजकीय कृषि निवेश केंद्रों पर उपलब्ध हैं। किसान संपर्क कर बीज प्राप्त कर सकते हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी किसानों को केसीसी बनवाने और अधिक से अधिक फसल बीमा कराने हेतु प्रेरित किया एवं विभागीय अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।