गाजीपुर। हंसराजपुर बभनौली गांव से एक बेहद दुखद समाचार सामने आया है। गांव निवासी बाबूलाल जायसवाल के पुत्र पप्पू जायसवाल का 19 जून 2025 को मुंबई में आकस्मिक निधन हो गया। इस अप्रत्याशित घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। पप्पू जायसवाल समाज में एक मिलनसार, हंसमुख और सम्मानित व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे।
पप्पू जायसवाल अपने पांच भाइयों में दूसरे स्थान पर थे। उनके अन्य भाई—गुड्डू जायसवाल, बृजेश जायसवाल, संजय जायसवाल और पंकज जायसवाल—भी अलग-अलग शहरों में कार्यरत हैं। सभी भाइयों ने बचपन गांव की गलियों में साथ बिताया और बड़े होते ही बेहतर जीवन की तलाश में महानगरों का रुख किया। पप्पू जायसवाल मुंबई में मेहनत और ईमानदारी से जीवन यापन कर रहे थे। वे न केवल अपने परिवार के प्रति समर्पित थे, बल्कि मित्रों और समाज के लिए भी सदैव प्रेरणास्रोत बने रहे। उनकी असामयिक मृत्यु के समाचार ने परिवार सहित पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है। उनकी माता, श्रीमती मंजू जायसवाल, पुत्रवियोग के सदमे में बेसुध हैं और परिवार पर जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पप्पू जायसवाल का अंतिम संस्कार 20 जून 2025 को मुंबई के एक श्मशान घाट पर किया गया, जहां उनके सगे-संबंधी, मित्रगण एवं शुभचिंतक भारी मन से उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। वहीं, हंसराजपुर बभनौली गांव में भी ग्रामीणों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी स्मृतियों को साझा करते हुए उन्हें याद किया। गांववासियों ने पप्पू जायसवाल को एक ऐसे मित्र और व्यक्ति के रूप में याद किया जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि पप्पू जैसे व्यक्तित्व का जाना व्यक्तिगत क्षति है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। इस दुखद घड़ी में गांववासियों एवं शुभचिंतकों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति दें।