गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को निर्माण कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। यह बैठक जिला मुख्यालय स्थित विभागीय भवन सभागार में आयोजित की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित महत्वपूर्ण योजनाओं एवं मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले 50 लाख रुपये से अधिक लागत के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, देवकली में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए। विद्यालय के नामित नोडल अधिकारी ने जानकारी दी कि कार्यदायी संस्था द्वारा गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित संस्था — सी एंड डी एस, जल निगम जौनपुर के अधिशासी अभियंता से स्पष्टिकरण मांगा।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश जल निगम (शहरी) को निर्देशित किया कि शहर के वार्ड नंबर-10 में पाइप पेयजल योजना से संबंधित सभी कार्य नवंबर 2025 तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने निर्माण कार्यों को मानक के अनुसार एवं गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया। बैठक में जिले की विभिन्न निर्माण एजेंसियों जैसे आवास विकास परिषद, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, सिंचाई विभाग, सीएलडीएफ, यूपी प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड, राजकीय निर्माण निगम (वाराणसी एवं आजमगढ़ इकाई) और अन्य संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों में हो रही धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिन कार्यदायी संस्थाओं को बजट जारी कर दिया गया है और फिर भी कार्य में लापरवाही बरती जा रही है, उनके अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि समय पर कार्य पूरा नहीं किया गया तो संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही, संबंधित विभागीय अधिकारियों पर भी कार्यवाही तय होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, परियोजना निदेशक राजेश यादव, जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र सरोज, अर्थ एवं संख्याधिकारी चंद्रशेखर प्रसाद सहित सभी संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।