गाजीपुर। आवास प्लस 2024 सर्वे कार्य में लापरवाही बरतने पर गाजीपुर जिले के नौ खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) के वेतन पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई जनपद स्तर पर औसत प्रगति से कम प्रदर्शन और समयबद्ध सत्यापन कार्य में लापरवाही के कारण की गई है। भारत सरकार के निर्देशानुसार, जिले के सभी बीडीओ को निर्देशित किया गया था कि वे आवास प्लस 2024 के अंतर्गत किए गए सेल्फ सर्वे की 30 जून 2025 तक 100 प्रतिशत पुष्टि/सत्यापन सर्वेयर से कराना सुनिश्चित करें। लेकिन 1 जुलाई 2025 को हुई समीक्षा बैठक में पाया गया कि देवकली, जखनियां, मनिहारी, मरदह, मुहम्मदाबाद, जमानियां, भदौरा और सैदपुर ब्लॉकों की प्रगति जनपद की औसत प्रगति 63.92 प्रतिशत से भी कम है, साथ ही चेकर की प्रगति भी शून्य पाई गई।
इस लापरवाही पर आयुक्त, ग्राम्य विकास, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा 26 जून 2025 को फोन पर नाराजगी जताई गई थी। इसके बाद परियोजना निदेशक राजेश यादव ने गंभीर रुख अपनाते हुए सादात, जखनियां, मरदह, जमानियां, मनिहारी, सैदपुर, देवकली और मुहम्मदाबाद के बीडीओ का वेतन आहरण रोक दिया है। वहीं, भदौरा ब्लॉक की प्रगति भी औसत से खराब पाई गई, जिसके कारण खंड विकास अधिकारी भदौरा कृष्ण कुमार सिंह का वेतन भी जून 2025 से अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है। इस प्रशासनिक सख्ती से पूरे विकास विभाग में हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समयबद्ध कार्यों की पूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।