गाजीपुर। जिले के विकास भवन सभाकक्ष में मुख्य विकास अधिकारी श्री संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता एवं उप कृषि निदेशक गाजीपुर की उपस्थिति में किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं जनपद के विभिन्न विकास खंडों से आए प्रगतिशील कृषकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत में उप कृषि निदेशक द्वारा पिछली किसान दिवस बैठक की परिपालन आख्या एवं कार्यवृत्ति का वाचन किया गया। इस अवसर पर किसानों द्वारा अपनी समस्याएं और सुझाव प्रस्तुत किए गए, जिनमें प्रमुख बिंदु निम्नलिखित रहे:
कृषक अनूप राय, पकड़ी, रेवतीपुर ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर कैटल कैचर उपलब्ध होते हुए भी वह मात्र शो-पीस बनकर रह गया है। उन्हें स्वयं के खर्च पर आवारा पशुओं को पकड़वाना पड़ रहा है।
एफएमडी (मुंह-खुर रोग) टीकाकरण हेतु भी अनुरोध किया गया।
कृषक देव प्रसाद दूबे, करंडा ने ट्यूबवेल संख्या-171 की कच्ची नाली से सिंचाई में हो रही कठिनाइयों की शिकायत की।
कृषक राम बचन यादव, नरदह ने बताया कि रोपाई का समय होने के बावजूद बिजली आपूर्ति केवल 1 घंटा मिल रही है।
कृषक लालजी यादव, बिरनो ने बताया कि नसीरपुर डाबी क्षेत्र में नाली को पाटकर रास्ता बना दिया गया है, जिससे सिंचाई बाधित हो रही है। साथ ही बिजली मीटर की रीडिंग व बिल में असमानता की भी शिकायत की।
कृषक रूद्र प्रताप सिंह, जखनिया (जिला अध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा) ने बहलोलपुर में अनूल पराग चिलिंग सेंटर की स्थापना की मांग की ताकि किसानों को दूध का उचित मूल्य मिल सके।
कृषक अनूप राय, पकड़ी ने जानकारी दी कि विद्या देवी, कल्याणपुर (रेवतीपुर) की विद्युत करंट से मृत्यु हो गई थी। निदेशालय द्वारा मुआवजा स्वीकृत किया गया, परंतु अब तक भुगतान नहीं हुआ।
कृषक अनिल सिंह, कटया कासिमाबाद ने बताया कि यंत्र बुकिंग के समय दी गई टोकन मनी अभी तक वापस नहीं की गई है।
कृषक पवन यादव, ताड़ीघाट ने शिकायत की कि दूध समिति द्वारा फैट मापने में गड़बड़ी की जा रही है।
इस अवसर पर अग्रणी जिला प्रबंधक, यूनियन बैंक गाजीपुर ने बताया कि जनपद में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लगभग 4.25 लाख लाभार्थी हैं, जबकि अब तक केवल 1.60 लाख किसानों के ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बने हैं। उन्होंने शेष किसानों से बैंक से संपर्क कर KCC बनवाने का अनुरोध किया। साथ ही उन्होंने फसल बीमा योजना के तहत 31 जुलाई 2025 तक बीमा कराने की अंतिम तिथि की जानकारी दी और सभी किसानों (ऋणी व गैर-ऋणी) से बीमा कराने की अपील की ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में क्षतिपूर्ति का लाभ मिल सके। कार्यक्रम के अंत में जिला कृषि अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी समितियों पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही जनपद की समस्त दुकानों पर रेट बोर्ड, स्टॉक बोर्ड तथा रसीद व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। यह किसान दिवस न केवल संवाद का माध्यम बना, बल्कि अधिकारियों तक किसानों की जमीनी समस्याएं पहुँचाने का प्रभावी मंच भी सिद्ध हुआ।