गाजीपुर। जनपद में फाइलेरिया जैसी लाइलाज बीमारी से लोगों को बचाने के लिए 10 अगस्त से 28 अगस्त तक सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही 11 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) के अंतर्गत 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को पेट के कीड़ों से बचाव की दवा (एल्बेण्डाज़ोल) खिलाई जाएगी। इन दोनों महत्वपूर्ण अभियानों को सफल बनाने के लिए सोमवार को मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील पाण्डेय की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स एवं अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक सीएमओ कार्यालय के सभागार में हुई, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, आईसीडीएस, पंचायती राज, समाज कल्याण, कृषि, सूचना सहित अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। सीएमओ डॉ. पाण्डेय ने कहा कि फाइलेरिया एक लाइलाज रोग है, जिससे बचाव के लिए लगातार पांच वर्षों तक साल में एक बार दवा का सेवन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एमडीए एवं एनडीडी अभियान में विभागीय समन्वय अत्यंत आवश्यक है। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अभियान से पूर्व जनजागरूकता बढ़ाएं और दवा सेवन के दौरान सक्रिय भूमिका निभाएं।
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान से जुड़ी मुख्य बातें:
यह अभियान जनपद के सैदपुर, सदर, बिरनो, कासिमाबाद, मोहम्मदाबाद और भदौरा ब्लॉक में चलेगा।
10 से 28 अगस्त 2025 तक दो सदस्यीय टीमें घर-घर जाकर डीईसी व एल्बेण्डाज़ोल की दवा खिलाएंगी।
1 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमार व्यक्ति दवा सेवन से वंचित रहेंगे।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस से जुड़ी मुख्य बातें:
11 अगस्त को गाजीपुर नगर पालिका व अन्य ब्लॉकों में सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी स्कूलों, मदरसों एवं केंद्रीय विद्यालयों में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेण्डाज़ोल दवा खिलाई जाएगी।
बीमार बच्चों या किसी दवा का सेवन कर रहे बच्चों को यह दवा नहीं दी जाएगी।
सहयोग की अपील:
सीएमओ ने अपील की कि सभी विभाग अपने माइक्रोप्लान समय से तैयार कर अभियान को सफल बनाएं। गाजीपुर को फाइलेरिया व कृमि मुक्त बनाने में प्रत्येक नागरिक को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य टीमों को घर-घर जाकर दवा खिलाने में जनसहयोग आवश्यक है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जे.एन. सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार, मेडिकल कॉलेज प्रतिनिधि, आईसीडीएस, शिक्षा, समाज कल्याण, आजीविका, डब्ल्यूएचओ, पाथ, पीसीआई संस्था सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।