गाजीपुर। समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड, लखनऊ द्वारा भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के ग्रांट-इन-एड घटक के तहत अनुसूचित जाति के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के व्यक्तियों को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु एक नई पहल की गई है। इस योजना के अंतर्गत कुल 16 प्रकार की आयजनित परियोजनाओं के लिए समूह या क्लस्टर के माध्यम से अनुदान सहित ऋण वितरित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं में निम्नलिखित व्यवसाय शामिल हैं:
बुटीक व्यवसाय
ब्यूटी पार्लर
सोलर पैनल इंस्टालेशन टेक्नीशियन
लॉजिस्टिक वाहन चालक
की-आस्क/किराना दुकान/जनरल स्टोर
फोटोग्राफर एवं वीडियोग्राफर
ऑटो/ई-रिक्शा
मुर्गी पालन
डेयरी एवं वर्मी कम्पोस्टिंग
बकरी पालन
मल्टी-स्किल्ड रिसोर्स
महिला गृह उद्योग/स्वरोजगार
दो पहिया/तीन पहिया मैकेनिक सेवा
आईटी सपोर्ट/हार्डवेयर कार्य
फर्नीचर/बढ़ई कार्य
जन सुविधा केंद्र
जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) श्री अभय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक अनुसूचित जाति के लाभार्थी ऑनलाइन आवेदन ग्रांट-इन-एड की आधिकारिक वेबसाइट http://grant-in-aid.upscfdc.in पर कर सकते हैं। साथ ही, ऑफलाइन आवेदन के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) या जिला प्रबंधक, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड, गाजीपुर कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। यह योजना सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है।