गाजीपुर। जिला गंगा समिति द्वारा प्राकृतिक खेती के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र, पीजी कॉलेज परिसर में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश राय ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो उपस्थित किसानों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश राय ने अपने संबोधन में कहा कि प्राकृतिक खेती एक स्थायी एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धति है, जो न केवल किसानों की आर्थिक समृद्धि बढ़ाने में सहायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने किसानों को विभिन्न जैविक उत्पादों के बारे में जानकारी भी प्रदान की।बउप निदेशक कृषि विजय कुमार ने प्राकृतिक खेती की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पद्धति न केवल मानव जीवन के लिए, बल्कि पृथ्वी पर निवास करने वाले सभी प्राणियों और समग्र पर्यावरण के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
जिला परियोजना अधिकारी, नमामि गंगे, बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य गंगा किनारे खेती करने वाले किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने यह भी बताया कि इस विधि को अपनाकर गंगा नदी में निवास करने वाले जलीय जीवों के जीवन को भी संरक्षित किया जा सकता है। कार्यशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वी.के. सिंह (केवीके) ने किसानों से अपील की कि वे प्राकृतिक खेती को अपनाएं और अपने उत्पादों को स्थानीय एवं राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के प्रयास करें। इस अवसर पर जिला चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी अज़ान बक्स, राज्य स्वच्छ गंगा मिशन उत्तर प्रदेश की पर्यावरण विशेषज्ञ शेफाली श्रीवास्तव, क्षेत्रीय वन अधिकारी नम्रता सिंह, डी.के. सिंह, डॉ. ओमकार सिंह, नेहरू युवा केंद्र के उपनिदेशक कपिल देव राम, भाजपा सोशल मीडिया जिला संयोजक कार्तिक गुप्ता, अन्नू दीवाना समेत सैकड़ों की संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन नेहरू युवा केंद्र के लेखाकार सुभाष चंद्र प्रसाद ने किया। कार्यशाला के अंत में सभी अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह और पौध भेंट कर किया गया।