गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार के निर्देश पर गाजीपुर जनपद में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के मद्देनज़र प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। सदर, सेवराई, मोहम्मदाबाद, सैदपुर एवं जमानिया क्षेत्रों में उपजिलाधिकारियों द्वारा लगातार स्थलीय निरीक्षण किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मोहम्मदाबाद के उपजिलाधिकारी ने सेमरा गांव और आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय सेमरा प्रथम में 10 परिवारों को सुरक्षित पुनर्वासित किया गया है। अधिकारियों ने पैदल और नावों के माध्यम से गांवों का दौरा कर राहत एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों, पशुओं, आवागमन के मार्गों, चारा, पानी, दवाओं आदि की उपलब्धता की जानकारी ली और मातहत अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनपद में इस समय 160 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं और 44 बाढ़ शरणालय स्थापित किए जा चुके हैं। नावों की व्यवस्था निम्नानुसार की गई है:
सैदपुर में 30 नाव
जमानिया में 80 नाव
सेवराई में 61 नाव
मोहम्मदाबाद में 30 नाव
सदर में 132 नाव
कासिमाबाद में 07 नाव
बाढ़ से संबंधित किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम के नंबरों — 05482-224041 और 9454417103 — पर संपर्क किया जा सकता है। साथ ही, जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से भी समस्याएं साझा की जा सकती हैं।मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी ने जानकारी दी कि जनपद में 07 बाढ़ राहत केंद्र सक्रिय हैं, जहां सुरक्षा के मद्देनज़र 40 नावों की लगातार निगरानी की जा रही है। सब्बलपुर कला जैसे संवेदनशील इलाकों से लोगों और पशुओं को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। प्रशासन ने सभी तहसीलों में बाढ़ प्रभावित लोगों और जानवरों के लिए राहत और पुनर्वास की तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। संभावित प्रभावित आबादी, परिवारों, गर्भवती महिलाओं की सूची एवं संभावित फसल हानि को पहले ही चिन्हित कर लिया गया है ताकि आपदा के समय त्वरित सहायता वितरण सुनिश्चित किया जा सके।प्रशासन ने अपील की है, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों को जलधारा से दूर रखें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।