गाजीपुर। जनपद में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारी लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं और मौके पर रहकर राहत कार्यों का संचालन कर रहे हैं।प्रशासन द्वारा बाढ़ पीड़ित परिवारों में राहत सामग्री, लंच पैकेट तथा पशुपालकों को भूसा आदि वितरित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में अब बाढ़ की स्थिति सामान्य है और गंगा का जलस्तर लगातार घट रहा है।
बाढ़ से जनपद की 05 तहसीलों के 156 राजस्व ग्राम प्रभावित हुए हैं, जिनमें 65 मजरे ऐसे हैं जहाँ आवागमन प्रभावित हुआ है। ऐसे स्थानों के लिए नावों की व्यवस्था की गई है। अब तक लगभग 28 हजार की जनसंख्या के 5,200 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रशासन द्वारा अब तक करीब 2,500 राहत किट और 30,000 लंच पैकेटों का वितरण माननीय प्रभारी मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराया गया है। प्रभावित परिवारों को प्रतिदिन दो समय का पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। आवागमन के लिए कुल 250 नावों की व्यवस्था की गई है और पशुओं के लिए भूसे की भी समुचित व्यवस्था की गई है।
जिन परिवारों ने अपने घरों को छोड़ने की इच्छा जताई थी, उनके लिए 18 राहत शरणालय संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत डोर-टू-डोर मेडिकल टीम द्वारा दवाएं वितरित की जा रही हैं। इसके बाद सभी प्रभावित क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन अभियान चलाया जाएगा। गर्भवती महिलाओं की सूची पहले से तैयार कर ली गई थी। जिनकी डिलीवरी डेट बाढ़ के दौरान थी, उन्हें सुरक्षित स्थानों जैसे अस्पताल या रिश्तेदारों के यहाँ पहले ही स्थानांतरित कर दिया गया था। बाकी महिलाओं की निगरानी आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से की जा रही है। बाढ़ से क्षतिग्रस्त कच्चे-पक्के मकानों का सर्वे कराकर पात्र व्यक्तियों को अनुमन्य आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है।