जमानिया(गाजीपुर)। स्थानीय स्टेशन बाजार स्थित हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 91 यूपी बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी कर्नल अमर सिंह के निर्देशानुसार कृमि उन्मूलन दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और समाज में कृमि रोग के प्रति जागरूकता फैलाना तथा इसके निवारण के उपायों की जानकारी देना था। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के एनसीसी अधिकारी कैप्टन अंगद प्रसाद तिवारी तथा हिंदू इंटर कॉलेज के एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट संतोष पाटिल के संयुक्त सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. श्रीनिवास सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा, “स्वास्थ्य ही समाज की असली पूंजी है। कृमि उन्मूलन जैसी पहलें न केवल विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को सुरक्षित करती हैं, बल्कि पूरे समाज में स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक माहौल बनाती हैं।”
मुख्य वक्ता के रूप में पधारे डॉ0 विजय श्याम पांडेय ने कृमि रोग के कारण, लक्षण और निवारण के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा, कृमि रोग बच्चों और युवाओं में कुपोषण, कमजोरी और कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। नियमित दवा सेवन और व्यक्तिगत स्वच्छता ही इसका सबसे सरल समाधान है।

डॉ. अमित कुमार सिंह ने परजीवियों के जीवन चक्र और उनके वैज्ञानिक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा, कृमि और अन्य परजीवियों का प्रभाव धीरे-धीरे शरीर को कमजोर करता है, इसलिए समय रहते इनका उपचार आवश्यक है।
कार्यक्रम का सकुशल संचालन डॉ0 अभिषेक तिवारी ने किया। तथा उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा: “संघर्षों के साए में इतिहास हमारा पलता है, जिस ओर जवानी चलती है उस ओर ज़माना चलता है”।। स्वास्थ्य जागरूकता केवल तभी सफल हो सकती है जब उसमें युवाओं की सक्रिय भागीदारी हो।

लेफ्टिनेंट संतोष पाटिल ने कहा, छात्रों को ऐसी गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक उत्तरदायित्व की शिक्षा मिलती है, जो जीवनभर उनके साथ रहती है। उक्त अवसर पर मादविद्यालय के प्राचार्य, हिंदू इंटर कॉलेज तथा हिंदू डिग्री कॉलेज के शिक्षकगण, तथा समस्त एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर भी डाला गया प्रकाश
क्रीमी उन्मूलन दिवस के साथ ही महाविद्यालय में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस भी मनाया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने 1947 के भारत विभाजन के दौरान हुए मानवीय संकट और विस्थापन की पीड़ा को याद किया। सभी ने इस ऐतिहासिक घटना से सबक लेकर समाज में एकता, सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लिया।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, महाविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।