गाजीपुर| उप कृषि निदेशक गाजीपुर ने बताया कि प्रदेश में स्थापित सीबीजी प्लांट तथा अन्य बायोगैस आधारित इकाइयों को फसल अवशेष उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद के कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को इन-सीटू एवं एसएमएएम योजनान्तर्गत एग्रीगेटर के रूप में अनुदान पर कृषि यंत्र चयन हेतु निर्देश प्राप्त हुए हैं।योजना के तहत चयनित एग्रीगेटर (एफपीओ) को कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से 30 लाख की परियोजना पर 24 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। शेष धनराशि एफपीओ को स्वयं वहन करनी होगी। परियोजना में 60 हार्स पावर या उससे अधिक का ट्रैक्टर, बेलिंग मशीन, स्ट्रा रैंक एवं क्राप रीपर क्रय करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त चयनित एफपीओ के दो सदस्य (जो आपस में रक्त संबंधी न हों) को 10 लाख रुपये की परियोजना में ट्रैक्टर व ट्रॉली क्रय करनी होगी, जिस पर 4 लाख रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
एफपीओ चयन के लिए निर्धारित शर्तें इस प्रकार हैं—
एफपीओ का वार्षिक टर्नओवर न्यूनतम 10 लाख रुपये होना चाहिए।
अधिक टर्नओवर व अधिक शेयरधारक संख्या वाले एफपीओ को वरीयता दी जाएगी।
एफपीओ के शेयरधारकों की संख्या न्यूनतम 100 होनी चाहिए।
एफपीओ द्वारा नियमित रूप से वार्षिक रिटर्न दाखिल किया गया हो।
एफपीओ भारत सरकार/कंपनी रजिस्ट्रार से प्रतिबंधित न हो तथा किसी न्यायालय में कोई वाद लंबित न हो।
अनुसूचित जाति श्रेणी में पंजीकृत एफपीओ में कम से कम 50% बोर्ड ऑफ डायरेक्टर अनुसूचित जाति के होने चाहिए।
एफपीओ का पंजीकरण सोसाइटी एक्ट/कंपनी एक्ट में कम से कम 1 वर्ष पूर्व का होना व लाभ अर्जित कर रहा होना आवश्यक है।
पूर्व में कृषि विभाग की योजनाओं का अनुदान लाभ प्राप्त न किया हो।
चयनित लाभार्थी को तिथि से 45 दिवस के भीतर यंत्र क्रय कर बिल उप कृषि निदेशक कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा।
इसके अतिरिक्त एफपीओ का नचचिवींाजप.बवउ पोर्टल पर सक्रिय पंजीकरण होना अनिवार्य है। साथ ही सीबीजी प्लांट/बायोमास यूनिट से पराली एकत्र एवं क्रय करने का एमओयू होना भी जरूरी है।आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितम्बर 2025 सायं 5 बजे तक निर्धारित की गई है। इसके उपरान्त प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक एफपीओ कृषि भवन, गाजीपुर से संपर्क कर सकते हैं।