गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर में अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में सेमिनार हाल में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संगोष्ठी में शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विषय की शोधार्थिनी सोनम सिंह ने अपने शोध प्रबंध “गाजीपुर जनपद के माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों में योग के प्रति अभिरुचि का अध्ययन” विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों में योग के प्रति अभिरुचि निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम, योगासन प्रतियोगिताएँ और स्वास्थ्य शिविरों ने विद्यार्थियों को योग के प्रति जागरूक किया है। इसके अभ्यास से छात्रों में शारीरिक लचीलापन, मानसिक शांति, एकाग्रता, स्मरण शक्ति और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। साथ ही परीक्षा तनाव से मुक्ति और सकारात्मक सोच विकसित करने में योग शिक्षा सहायक सिद्ध हो रही है।
शोध में यह निष्कर्ष भी निकला कि सरकार, विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के प्रयास से ही योग को दैनिक पाठ्यचर्या का अभिन्न अंग बनाया जा सकता है। इससे विद्यार्थी स्वस्थ शरीर और शांत मस्तिष्क के साथ उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हो सकेंगे।प्रस्तुति के बाद विभागीय शोध समिति और उपस्थित प्राध्यापकों ने विभिन्न प्रश्न पूछे जिनका सोनम सिंह ने संतोषजनक उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.(डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान की। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो.(डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रो.(डॉ.) जी. सिंह, शोध निर्देशक प्रो.(डॉ.) वीरेन्द्र कुमार सिंह, शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विभागाध्यक्ष डॉ. लवजी सिंह सहित प्रो.(डॉ.) सुजीत कुमार सिंह, प्रो.(डॉ.) अरुण कुमार यादव, डॉ. रामदुलारे, डॉ. अशोक कुमार, प्रो.(डॉ.) संजय चतुर्वेदी, प्रो.(डॉ.) सत्येंद्र नाथ सिंह, डॉ. योगेश कुमार, डॉ. शिवशंकर यादव, प्रदीप सिंह आदि प्राध्यापकगण व शोध छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में डॉ. लवजी सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया जबकि संचालन प्रो.(डॉ.) जी. सिंह ने किया।