जमानिया। भाकपा-माले और उससे संबद्ध ऑल इंडिया किसान महासभा तथा ऑल इंडिया खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के बैनर तले शनिवार को कस्बा स्थित रामलीला मैदान में मजदूर-किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामचरन ने की, जबकि संचालन जगबली राजभर ने किया। महापंचायत को संबोधित करते हुए भाकपा-माले की केंद्रीय कमेटी सदस्य एवं किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि “मोदी-योगी सरकार मजदूरों, किसानों और कमजोर वर्गों के अधिकारों पर चौतरफा हमला कर रही है। लोग अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि सरकार उन्हें घर-जमीन से बेदखल करने और रोजी-रोटी छीनने पर आमादा है।” उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को गरीबों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों को बाहर करने की साजिश बताया और नागरिकता व लोकतंत्र बचाने के लिए दोहरी लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।
भाकपा-माले जिला सचिव ओमप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार आजादी और संविधान से मिले अधिकारों को खत्म करने की कोशिश कर रही है, लेकिन पार्टी जनता को संगठित कर इसे नाकाम करेगी। महापंचायत में आठ सूत्रीय प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें भारी बिजली बिलों की वापसी, स्मार्ट मीटर योजना रद्द करने, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों व निजी सूदखोरों से लिए गए गरीबों व महिलाओं के कर्ज माफ करने, वनवासियों और गरीबों को घरौनी उपलब्ध कराने, बाढ़ राहत राशि तत्काल वितरित करने और इसे बंटाईदार किसानों तक पहुंचाने जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। महापंचायत को विजयी वनवासी, श्यामप्यारी, पांच रतन कुशवाहा, अमरनाथ मौर्य, जगदीश वनवासी और जयचंद भारती समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया। इस दौरान ऑल इंडिया कांग्रेस की ओर से कुंदन खरवार ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। कार्यक्रम के अंत में आठ सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम जमानिया को सौंपा गया।