गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर एवं मासिक स्टाफ बैठक सीएम डैशबोर्ड दर्पण पर सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने परिवहन, वन विभाग, स्टाम्प, नगर पालिका, ऑडिट आपत्ति, चकबंदी, व्यापार कर, विद्युत देय, आबकारी, अंश निर्धारण, मोटर देय और आईजीआरएस से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप वसूली सुनिश्चित की जाए। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदारों को सख्त निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण निश्चित समय सीमा के भीतर शिकायतकर्ता से वार्ता कर किया जाए, अन्यथा विभागीय कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी डिफॉल्टर पाया जाता है तो उसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
इसके उपरांत मासिक स्टाफ बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के लंबित एवं विवादित प्रकरणों, दाखिल-खारिज और अन्य वादों के शीघ्र निस्तारण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व कार्यों में सरकार की मंशा के अनुरूप तेजी लाई जाए, ताकि योजनाओं का लाभ आमजन तक समय से पहुंचे। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि राजस्व वसूली को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए डिमांड के अनुसार वसूली सुनिश्चित की जाए। साथ ही उप जिलाधिकारियों को पांच वर्ष से अधिक पुराने मुकदमों की प्रतिदिन सुनवाई करने का आदेश दिया। उन्होंने धारा 24, 116, 80, 34, 33 और 67 से संबंधित लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर बल दिया।उन्होंने धारा 34 की सुनवाई एवं निष्पादन में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों से गंभीरता से कार्य करने और उप जिलाधिकारियों से इसकी नियमित समीक्षा करने को कहा। इसके साथ ही सीमा स्तंभ, कृषि भूमि पट्टा, आवास हेतु भूमि आवंटन, कुम्हारी कला पट्टा आवंटन, अंश निर्धारण एवं अंश संशोधन की प्रगति की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं पटल सहायक मौजूद रहे।