गाजीपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में चकबन्दी कार्यों की गहन समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में उप संचालक चकबन्दी ने अवगत कराया कि जनपद गाजीपुर के विभिन्न चकबन्दी न्यायालयों में कुल 5807 वाद विचाराधीन हैं, जिनमें से 1646 वाद ऐसे हैं जो पाँच वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विशेष अभियान चलाकर दो माह के भीतर पाँच वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों का त्वरित और गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में वर्तमान में चकबन्दी प्रक्रियाधीन 22 ग्रामों की ग्रामवार समीक्षा की गई। इनमें ताजपुर मांझा धारा-7 पर, पहाड़पुर खुर्द व गोपीनाथपुर धारा-8 पर, रूहीपुर, जगदीशपुर व गन्नापुर धारा-9 पर, मुडियार, शेरपुर ढोटारी व मखदूमपुर धारा-10 पर, बेनुआं, भैरोपुर, बघांव व तरांव (खानुपर) धारा-20 पर, बद्धोपुर व तरांव (सैदपुर) धारा-24 पर तथा बबुरा, सकरा, मौधियां, हटवार मुरार सिंह, दशवन्तपुर, दरवेपुर व तिलसड़ा धारा-27 पर गतिमान पाए गए। जिलाधिकारी ने इन सभी ग्रामों में चकबन्दी कार्यवाही को पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्तापरक ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि तिलसड़ा और दरवेपुर ग्रामों में मा० उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश को समाप्त कराने हेतु प्रभावी पैरवी की जाए। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए गुणवत्तापरक कार्य करें। साथ ही निर्धारित लक्ष्य के अनुसार वर्तमान वित्तीय वर्ष में धारा 7, 8, 9, 10, 20, 23, 24, 27 एवं 52 के अंतर्गत लक्षित ग्रामों में निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से कार्य करते हुए 2-3 वर्ष में चकबन्दी कार्य पूर्ण कराया जाए। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी/उप संचालक चकबन्दी आयुष चौधरी, बन्दोबस्त अधिकारी रमजान बख्श, चकबन्दी अधिकारी शरद कुमार सिंह व विजय कुमार मौर्य सहित सभी सहायक चकबन्दी अधिकारी उपस्थित रहे।