गाजीपुर। जनपद में आज भारत रत्न, महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, भारत के प्रथम गृहमंत्री एवं उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित गोविन्द बल्लभ पंत की 138वीं जयंती गौरव दिवस के रूप में धूमधाम से मनाई गई। कलेक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने पंडित गोविन्द बल्लभ पंत के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। इसी क्रम में जनपद की सभी तहसीलों में भी उप जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने पंडित पंत के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पंत जी नमक सत्याग्रह जैसे आंदोलनों में शामिल हुए और कई बार जेल गए। स्वतंत्रता के बाद वे उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री बने तथा 1955 से 1961 तक भारत के गृहमंत्री रहे। उन्होंने आगे बताया कि पंडित गोविन्द बल्लभ पंत को 1957 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्होंने भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन और हिंदी को राजभाषा का सम्मान दिलाने में अहम योगदान दिया। साथ ही जमींदारी प्रथा के विरोध, किसानों के उत्थान और महिलाओं के अधिकारों के लिए भी उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए। पंडित गोविन्द बल्लभ पंत का जन्म 10 सितम्बर 1887 को अल्मोड़ा (उत्तराखंड) में हुआ था। वे आधुनिक भारत के निर्माण में अपनी अद्वितीय भूमिका और समाज सुधार के कार्यों के लिए सदैव स्मरणीय रहेंगे।