गाजीपुर। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सच्चिदानन्द तिवारी ने जानकारी दी कि निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देश पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत मान्यता प्राप्त मदरसों का सत्यापन एवं प्रोफाइल लॉक किये जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि एनपीआईसी के माध्यम से आधार आधारित भुगतान प्रणाली लागू होने के कारण बैंक मास्टर का सत्यापन अब आवश्यक नहीं है। हालांकि कॉलेज एवं मदरसों का प्रोफाइल सत्यापन पूर्व की भांति प्रभावी रहेगा। इस संबंध में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) द्वारा उपलब्ध कराए गए विकल्पों के आधार पर पात्र मदरसों की प्रोफाइल को अधोहस्ताक्षरी के लॉगिन से लॉक करना होगा तथा कक्षा 9 और 10 में अध्ययनरत पात्र छात्रों का डाटा भी अग्रसारित करना अनिवार्य होगा। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रोफाइल लॉक किये जाने से पूर्व मदरसों की मान्यता, स्वीकृत सीटों की संख्या, वास्तविक छात्रों की उपस्थिति और प्रोफाइल सत्यापन जैसे अभिलेखों का गहन परीक्षण किया जाएगा। इसके उपरांत ही डिजिटल प्रोफाइल लॉक सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित मदरसों से अपेक्षा की है कि प्रोफाइल लॉक किए जाने के बाद आवश्यक अभिलेख तत्काल कार्यालय में उपलब्ध कराएं, ताकि अधोहस्ताक्षरी के स्तर से अंतिम सत्यापन एवं प्रोफाइल लॉक की प्रक्रिया पूरी की जा सके।