जमानियां (गाजीपुर)। गंगा और कर्मनाशा नदियों के जल प्लावन से प्रभावित किसानों, बटाईदारों और गरीब परिवारों की समस्याओं को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने सोमवार को जमानियां तहसील के सामने रामलीला मैदान में एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, महिलाएं और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। धरना स्थल पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सरकार पर किसानों, मजदूरों, छात्रों और महिलाओं की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों और बटाईदारों को फसल क्षति का मुआवजा दिया जाए, गरीब परिवारों को छह माह तक मुफ्त राशन मिले, पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराया जाए, और फर्जी बिजली बिलों को माफ किया जाए। इसके साथ ही 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने, भूमिहीनों को बंजर और ग्राम समाज की भूमि का आवंटन करने, आशा, आंगनबाड़ी और रसोइयों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने और समय से भुगतान सुनिश्चित करने की मांगें भी उठाई गईं।

अन्य प्रमुख मांगों में दिलदारनगर पशु मेला चालू कराना, पोस्ता की खेती की अनुमति देना तथा 60 वर्ष से ऊपर के किसानों, मजदूरों, पुरुषों और महिलाओं को ₹20,000 मासिक पेंशन देने की मांगें शामिल रहीं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर है। लोकसेवक अपने कर्तव्यों का पालन करने में विफल हैं और प्रशासन पूरी तरह बेलगाम हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार कॉर्पोरेट घरानों के हित में नीतियां बना रही है, जबकि आम जनता की समस्याएं सरकार के एजेंडे में शामिल नहीं हैं।
सभा को किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक राजेन्द्र यादव, भाकपा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य अमेरिका सिंह यादव, जिला सचिव जनार्दन राम, सहसचिव ईश्वरलाल गुप्ता, वरिष्ठ नेता शशिकांत कुशवाहा, सुरेन्द्र राम, राजदेव यादव, मन्नू यादव, अनिल जी, नयनतारा देवी, तेतर देवी, कलिका प्रसाद, सीताराम बनवासी और उर्मिला देवी ने संबोधित किया।सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता जंगबहादुर यादव ने की तथा संचालन दिनेश प्रजापति ने किया। प्रदर्शन के अंत में भाकपा प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों का ज्ञापन उपजिलाधिकारी जमानियां, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग और पुलिस क्षेत्राधिकारी को सौंपा। अधिकारियों ने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह जिला प्रशासन की होगी।
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