गाजीपुर| गाजीपुर में छात्र राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। नोनहरा पुलिस की बर्बरता के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्र नेता दीपक उपाध्याय को लगातार दूसरे दिन नजरबंद किया गया। खास बात यह रही कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भी उन्हें घर में कैद रखा गया, जिसे लेकर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों में रोष देखा जा रहा है।जानकारी के अनुसार, दीपक उपाध्याय को कल उस समय हाउस अरेस्ट किया गया था, जब वे नोनहरा पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज के विरोध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। इसके बावजूद, अन्य छात्र नेताओं ने ज्ञापन सफलतापूर्वक डीएम को सौंपा।
हालांकि, प्रशासन की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। आज एक बार फिर दीपक उपाध्याय को घर से बाहर निकलने नहीं दिया गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, “पुलिस ने मनगढ़ंत आरोपों के तहत मुझे हाउस अरेस्ट किया है ताकि मैं सीताराम उपाध्याय जी को न्याय दिलाने की लड़ाई न लड़ सकूं। यह लोकतंत्र की हत्या है।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे डराने और मेरा हौसला तोड़ने की कोशिश की जा रही है, लेकिन मैं झुकने वाला नहीं हूं। अन्याय के खिलाफ मेरी लड़ाई जारी रहेगी।” उल्लेखनीय है कि नोनहरा क्षेत्र में कुछ दिन पहले पुलिस और ग्रामीणों के बीच टकराव हुआ था, जिसमें सीताराम उपाध्याय नामक एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। उसी के विरोध में छात्र संगठन सक्रिय हुए हैं और प्रशासन पर आरोप लगा रहे हैं कि वह शांतिपूर्ण विरोध को दबाने की कोशिश कर रहा है। छात्र नेताओं ने दीपक उपाध्याय की नजरबंदी को “गैर-कानूनी और लोकतंत्र के खिलाफ” करार देते हुए इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने यह रवैया जारी रखा, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन छेड़ा जाएगा।